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किसान को मृत बताकर कर्जमाफी से किया पता साफ

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अतर्रा। कर्जदार लघु किसान को लेखपाल ने मृतक दर्ज कर दिया। नतीजे में कर्ज माफी योजना में पात्र होने के बाद भी किसान का इस सूची से सफाया हो गया। खुद को जिंदा साबित करने के लिए किसान साक्ष्यों के साथ अधिकारियों की ड्योढ़ी पर दस्तक देता घूम रहा है। फिलहाल उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
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अतर्रा तहसील के दिखितवारा गांव निवासी बलराम प्रसाद तिवारी ने अपने साथ इस घटना की मंगलवार को यहां उप जिलाधिकारी को एक बार फिर लिखित फरियाद सौंपी। कहा कि वह लघु श्रेणी का किसान है। इलाहाबाद बैंक की महोतरा ब्रांच से वर्ष 2015 में एक लाख रुपये कर्ज लिया था। कर्जमाफी योजना में वह पात्र है और उसका नाम भी सूची में दर्ज था। लेकिन तत्कालीन लेखपाल ने उसे मृतक दर्शाकर सूची से नाम हटवा दिया। उसे कर्जमाफी का लाभ नहीं मिला। कर्ज का बोझ बरकरार है। किसान ने कहा कि लेखपाल की इस कारगुजारी और खुद को न्याय के लिए वह तब से लगातार अधिकारियों के ड्योढ़ी पर दस्तक दे रहा है। कहीं उसकी सुनवाई नहीं हो रही। किसान ने मुख्यमंत्री को भी अपनी यह फरियाद भेजी है। शिकायती पत्र के साथ बैंक की पासबुक, आनलाइन शिकायत की प्रति, कर्जमाफी योजना की सूची जिसमें उसका नाम शामिल था कि प्रति आदि नत्थी की है। उप जिलाधिकारी सौरभ शुक्ला ने कहा है कि जांच कराई जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। किसान को न्याय मिलेगा।
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