बांदा। प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे एंटी भूमाफिया अभियान के तहत जनपद स्तर पर बनाई जा रही भूमाफियाओं की सूची में बांदा भी शामिल है। प्रशासन ने यहां 10 लोगों को सूचीबद्ध किया। इन्हें ‘टाप-10’ भूमाफिया बताया है। प्रशासन के मुताबिक इन सभी ने लगभग तीन करोड़ रुपये की 10 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर कब्जा/अतिक्रमण कर रखा है।
प्रशासन द्वारा तैयार की गई सूची में खाईंपार निवासी अब्दुल मजीद ने 88.66 लाख रुपये कीमत की 0.771 एकड़ भूमि पर कब्जा किया है। उसके विरुद्ध राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत मुकदमा विचाराधीन है। अलीगंज निवासी मोहम्मद अनवर अहमद और खाईंपार निवासी नवाब अली 20.12 लाख कीमत की 0.175 हेक्टेयर निजी भूमि पर कब्जा किया। इनके विरुद्ध भी बेदखली का आदेश पारित किया गया है। जमीन खाली करा ली गई है। मर्दन नाका सेढ़ तलैया निवासी सगीर पुत्र रमजानी ने 27 लाख रुपये कीमत की 0.054 हेक्टेयर निजी भूमि पर अतिक्रमण किया है। एसडीएम कोर्ट में केस विचाराधीन है। देहात कोतवाली क्षेत्र के लुकतरा निवासी (वर्तमान में इंदिरा नगर में रह रहे हैं) सगे भाई राजेश सिंह व विशंभर सिंह पर 96.60 लाख की 0.840 हेक्टेयर निजी भूमि पर, तिंदवारी कस्बा निवासी बुद्धि विकास द्वारा 41 लाख की 0.117 हेक्टेयर निजी भूमि पर, कमासिन थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी श्यामनारायण सिंह ने 44.70 लाख कीमत की 5.592 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया है। मामला विचाराधीन है।
इसी तरह अतर्रा थाना के महुटा गांव निवासी छोटकू सिंह उर्फ छोटे पर 9.80 लाख कीमत की 0.980 हेक्टेयर भूमि, फतेहगंज थाना क्षेत्र के जबरापुर गांव निवासी बृजलाल उर्फ बिरजा पर 10 लाख रुपये की 1.003 हेक्टेयर जमीन, अतर्रा तहसील के पांडेय पुरवा निवासी ओमप्रकाश पर 3.50 लाख की 0.350 हेक्टेयर और चिल्ला थाना क्षेत्र के बिछवाही गांव निवासी राम कुमार द्वारा 5.14 लाख रुपये कीमत की 0.898 हेक्टेयर भूमि में कब्जा किया जाना बताया गया है। राम कुमार को उम्रकैद सजायाफ्ता बताया गया है। उसका अवैध कब्जा भी हटा दिया गया है। सभी 10 आरोपियों पर 10.78 हेक्टेयर भूमि में अतिक्रमण करने का आरोप है। इस जमीन की कीमत प्रशासन ने 2.96 करोड़ रुपये बताई है। उधर, कई आरोपियों ने इन आरोपों को गलत और प्रशासन की मनमानी बताया है।
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