बांदा। सदस्यता शुल्क लेकर कृषकों को अनुदान पर कृषि यंत्र न देने के मामले में अदालत ने सोसायटी अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष को दो-दो वर्ष की कैद और 23-23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अभियुक्तों को एक माह में अपील का समय देते हुए जमानत पर रिहा कर दिया।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के परसौड़ा गांव के कमलाकांत मिश्रा पुत्र रमेशमणि मिश्रा ने 24 फरवरी 2016 को सीजेएम कोर्ट में दाखिल किए परिवाद में कहा था कि ह्यूमन डेवलपमेंट फेमस कामन सोसायटी अध्यक्ष अशोक पटेरिया पुत्र सुखनंदन पटेरिया (छतरपुर, मध्य प्रदेश), सचिव अरविंद कुमार चतुर्वेदी पुत्र रामलखन चतुर्वेदी (सिविल लाइन, बांदा) तथा कोषाध्यक्ष कुलदीप त्रिपाठी पुत्र स्व.गया प्रसाद (स्वराज कालोनी) ने कृषकों को अनुदान पर कृषि यंत्र व अन्य सामग्री उपलब्ध कराने पर सभी पदाधिकारियों से 2550 रुपये जमाकर ग्राम सेवक पद पर नियुक्त कर दिया।
9 लोगों से 550-550 रुपये लेकर सदस्य बना लिया। सदस्य शिवदर्शन मित्र पुत्र रामस्वरूप मिश्र (परसौड़ा) को कटीले तार लगवाने के लिए 9000 रुपये व सदस्य रमाकांत मिश्र पुत्र रमेशमणि मिश्र (परसौड़ा) को कटीले तार व स्प्रिंकलर सेट के लिए 18,000 रुपये न मिल पाने से सदस्यों के पैसे (कुल 35000 रुपये) लौटाने को कहा।
21 अप्रैल 2015 को सोसायटी ने आईडीबीआई बैंक (बंगालीपुरा) में अपने खाते का 34,500 रुपये का एक चेक कमलाकांत ने अपने खाते में लगाया। खाते में पैसा न होने पर चेक वापस कर दिया। सोसायटी पदाधिकारियों से कहने पर उन्होंने पुन: चेक दे दिया।
चेक लगाने पर बैंक ने खाते में पर्याप्त राशि न होने पर चेक दोबारा वापस कर दिया। परिवादी ने अधिवक्ता के जरिए सभी पदाधिकारियों को नोटिस भेजा। जवाब न मिलने पर उसे सीजेएम अदालत में परिवाद दायर कर दिया। 19 जुलाई 2016 को सीजेएम कोर्ट से परिवाद स्थानांतरित कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी की अदालत भेजा गया।
शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सोसायटी अध्यक्ष अशोक कुमार पटेरिया, सचिव अरविंद कुमार चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष कुलदीप त्रिपाठी को कृषकों के साथ छलकपट व बेईमानी से षड़यंत्र पूर्वक कृषि यंत्र व उपकरण दिलाने के नाम पर सब्जबाग दिखाकर धन हड़पने का दोषी पाया। तीनों अभियुक्तों को दो-दो वर्ष का कठोर कारावास व 23-23 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न अदा करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
-23-23 हजार रुपये जुर्माना
-सोसाइटी के नाम पर की थी धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो