बांदा। लॉकडाउन लागू होने के बाद आर्थिक तंगहाली की गिरफ्त में आए चित्रकूटधाम मंडल के 75,867 मजदूर फिलहाल एक-एक हजार रुपये की पूंजी के मालिक बन गए हैं। उनके खातों में यह पैसा पहुंच गया है। चारों जिलों में 7 करोड़ 58 लाख 67 हजार रुपये मजदूरों को भेजे जा चुके हैं। बैंक खाता का ब्योरा उपलब्ध न होने पर मंडल के 904 मजदूर अभी इस सहायता से वंचित हैं।
कोराना के चलते पिछले माह लागू हुए लॉकडाउन में मजदूर बेकाम हो गए। प्रदेश सरकार ने फौरीतौर पर उनकी मदद के लिए श्रम विभाग के माध्यम से एक-एक हजार रुपये की सहायता देने की योजना लागू कर दी। पंजीकृत मजदूरों के खाते में डीबीटी माध्यम से यह सहायता राशि भेजी गई है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में निर्माण मजदूरों की कुल संख्या 76,346 है। इनमें 75,867 मजदूरों ने अपने बैंक खाते का विवरण श्रम विभाग को उपलब्ध करा दिया है। इन सभी को आपदा राहत सहायता योजना के तहत एक-एक हजार रुपये की दर से कुल 7 करोड़ 58 लाख 67 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। बताया कि चारों जिलों के 904 मजदूरों के बैंक खातों का विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया है। इनमें बांदा जिले के 404, हमीरपुर के 93, महोबा के 258 और चित्रकूट के 149 मजदूर शामिल हैं।
इन नंबरों पर भेजें खाते का ब्योरा मजदूर
बांदा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने मंडल के पंजीकृत मजदूरों से कहा है कि नवीनीकृत पंजीकृत मजदूर जिनका बैंक विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया है वे व्हाट्सएप नंबर- 8423004466 या 9161373754 अथवा 8382012904 पर अथवा विभाग की मेल आईडी पर बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, पंजीयन कार्ड सहित उप श्रमायुक्त कार्यालय, चित्रकूटधाम क्षेत्र, बांदा में शीघ्र भेजें, जिससे उनके खाते में भी सहायता राशि भेजी जा सके।