बांदा। खुरहंड में सात दिवसीय रामकथा का मंगलवार को समापन हो गया। कथा वाचक जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अयोध्या की कथा का वर्णन करते हुए राम की महिमा का गुणगान किया। कहा कि भक्ति 9 प्रकार की होती है।
विधायक प्रकाश द्विवेदी की मेजबानी में की गई रामकथा में सातवें और अंतिम दिन रामभद्राचार्य ने राम के भजनों से श्रोताओं को मुक्त कर दिया। कहा कि जीवन में भगवान राम का ही ध्यान और काम होना चाहिए। जगद्गुरु ने अपने बारे में कहा कि सात वर्ष की आयु में संपूर्ण रामायण कंठस्थ हो गई थी। उन्होंने माता सीता को प्रथम महिला जगद्गुरु बताया। कथा की शुरूआत वैदेही वल्लभशरण के भजन कीर्तन से हुई।
अंतिम दिन श्रोताओं में अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू, जेएन डिग्री कालेज प्रधानाचार्य डा.नंदलाल शुक्ल, सीएमएस डा.किशोरीलाल, भाजपा के बांदा-चित्रकूट संसदीय क्षेत्र संयोजक बालमुकुंद शुक्ल, आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक उमाकांत, डीडीसी रामबाबू निषाद, अरविंद त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
- जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अयोध्या की कथा का वर्णन किया
अमर उजाला ब्यूरो