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Banda News: 98 में से 60 नमूने फेल, पनीर, नमकीनों में मिला रहे रंग

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खाद्य सुरक्षा विभाग का कार्यालय।  - फोटो : संवाद
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बांदा। मीठी सुपारी, नमकीन, खोया और पनीर में कपड़ों वाले रंग व केमिकल मिलाकर बेचा जा रहा है। खाद्य विभाग की ओर से 10 माह में शहर के 141 स्थानों से 98 नमूने लिए गए, जिसमें 60 नमूने फेल पाए गए हैं। सात रिपोर्ट ऐसी थी, जिसमें गंभीर मिलावट पाई गई है। विभाग ने कहा कि तीन बार नमूना फेल होने पर दुकानदार का लाइसेंस व पंजीयन हमेशा-हमेशा के लिए निरस्त कर दिया जाएगा।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के 10 माह में 210 स्थानों पर छापा मारा और मिलावट के संदेह में 141 नमूने लिए। प्रयोगशाला आगरा से अब तक 98 नमूनों की रिपोर्ट आई। इनमें सात नमूने खोया, पनीर, नमकीन, मीठी सुपारी के थे। जांच में इनमें सड़ी सुपारी, कपड़ों वाला रंग, मीठा करने वाली सकरीन, खोया व पनीर में रंग, रिफाइन, मिल्क पाउडर आदि पाया गया।
यह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। मीठी सुपारी का इस्तेमाल ज्यादातर बच्चे करते हैं। इनके लिवर की गंभीर बीमार सहित कैंसर का खतरा बढ़ गया है।
इसके अलावा 45 नमूने अधोमानक पाए गए। यानी मिलावट तो पाई गई, लेकिन जो भी चीज मिलाई गई वह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक नहीं थी। विभाग का कहना है कि गंभीर प्रकृति के मुकदमों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दायर किया गया है।
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अधोमानक के केस अपर जिलाधिकारी की अदालत में दायर किए गए। विभाग का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष में 12 कारोबारियों पर 50 हजार से अधिक का एडीएम कोर्ट से जुर्माना किया जा चुका है।

मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डाॅ.आरके गुप्ता का कहना है कि सड़ी सुपारी, सकरीन व कलर से लिवर खराब होने व कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा है। रंग में ऐसे केमिकल होते हैं, जो सीधे लिवर पर अटैक करते हैं। सकरीन नुकसानदेह कम है, लेकिन एक मानक के अनुसार ही मिलाया जाना चाहिए। ज्यादा मिलाने पर वह जानलेवा हो सकती है। सड़ी सुपारी से पेट खराब होता है। बच्चों में किरमी, पेचिस की शिकायत बढ़ जाती है। इससे पीलिया बीमारी भी हो सकती है।
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कानून में उम्रकैद व जुर्माने का प्रावधान
अधिवक्ता गोपाल नारायण का कहना है कि कानून में गंभीर मिलावट के दोषी को न्यायालय उम्रकैद व एक लाख जुर्माना तक कर सकती है। अधोमानक में 50 हजार तक के जुर्माने का प्रावधान है।

तीन बार नमूना फेल तो लाइसेंस होगा निरस्त
सहायक आयुक्त (खाद्य) जय प्रकाश तिवारी का कहना है कि तमाम कवायदों के बाद भी कारोबारी मिलावट से बाज नहीं आ रहे हैं। अब जिस कारोबारी का तीन बार नमूना फेल होगा उसके लाइसेंस अथवा पंजीयन को निरस्त कर दिया जाएगा।
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फुटपाथी दुकानदारों का निशुल्क होगा पंजीयन
बांदा। सहायक आयुक्त (खाद्य) ने बताया कि सड़क किनारे खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों व ठेले वालों का निशुल्क पंजीयन होगा। वह किसी भी कैफे में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्हें नवीनीकरण कराने के लिए भी विभाग नहीं आना पड़ेगा। (संवाद)
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