बांदा। गैंगस्टर एक्ट के तीन टाप टेन हिस्ट्रीशीटर जो हत्या, लूट, रंगदारी व अवैध असलहों का उपयोग करने वाले अपराधियों को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने शुक्रवार को 6-6 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया है। साथ ही तीनों पर सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर 6-6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। तीनों को जेल भेज दिया गया।
बदौसा थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह गौर ने 21 जुलाई 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि छेदी लाल यादव पुत्र जगन्नाथ यादव, सोनू उर्फ आलोक, आनंद यादव, राम नरेश उर्फ रतिभान व लालजी निवासी ग्राम जमुनिहा पुरवा थाना बदौसा के निवासी हैं। यह सभी एक संगठित अपराधी गिरोह के सदस्य हैं। इनका गैंग लीडर छेदी लाल यादव है। जो हत्या, लूट, रंगदारी,अवैध असलहों का उपयोग एवं जघन्य अपराधों में सक्रिय रूप से लिप्त रहता है।
यह जनता को भयभीत करके अपने आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए धन अर्जित करते हैं। इनके विरुद्ध जनपद बांदा के कई थानों में हत्या, लूट व गैंगस्टर एक्ट के कई मुकदमे दर्ज है। मामले की विवेचना निरीक्षक मोहम्मद अशलम द्वारा की गई और आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया।मामले की सुनवाई के दौरान सोनू व राम नरेश की मृत्यु हो गई।
मामले की सुनवाई छेदीलाल यादव व उसके बेटे आनंद यादव एवं लालजी के विरुद्ध की गई। अभियोजन की ओर से दो गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने व दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 16 पृष्ठीय फैसले में छेदीलाल यादव व उसके पुत्र आनंद यादव एवं लालजी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।