फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

5650 किसानों को बांटे गए 1.70 करोड़, पांच दिनों में राजस्व विभाग करेगा सर्वे

Wed, 18 Mar 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम सुरेश कुमार ने कहा है कि जनपद के ओला पीड़ित 5650 किसानों को अब तक 1.70 करोड़ रुपये राहत के रूप में बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि 12 और 16 मार्च को हुई ओलावृष्टि से फसलों का भारी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन


ऐसे में पहले किए गए सर्वे के आंकड़े बदल गए हैं। अब राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को सर्वे के काम में युद्धस्तर पर जुटाया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि किसानों से पूरी हमदर्दी रखते हुए सर्वे करें। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिया गया है कि वह अगले पांच दिनों तक भ्रमण कर सर्वे करें। दफ्तरों में नहीं बैठें।

डीएम ने स्वीकारा है कि यह आपात काल का समय है। डीएम ने कहा है कि बड़े काश्तकार को एक हेक्टेयर का मुआवजा दिया जाएगा।

उधर, पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर ने कहा है कि मुआवजा या अन्य जायज मांगे करना किसानों और नागरिकों का अधिकार है। इसका यह मतलब नहीं कि पुलिस उन पर डंडे बरसाए। एसपी ने यह भी कहा कि वह बांदा में चित्रकूट जैसी नौबत नहीं आने देंगे। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के प्रति हमदर्दी का रवैया अपनाएं। डीएम और एसपी बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन


डीएम बोले, किसानों पर नोटिस या आरसी जारी हुई तो खैर नहीं
बांदा। दैवीय आपदाओं से जूझ रहे किसानों पर कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था नोटिस या आरसी इत्यादि जारी नहीं कर सकेगी। डीएम ने आदेश जारी कर इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

चेतावनी दी है कि किसी भी बैंक ने किसी किसान के साथ उत्पीड़न की कार्रवाई की तो इसे गंभीरता से लेकर बैंक शाखा प्रबंधक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह भी आगाह किया है कि इन कार्रवाइयों से कोई अप्रिय घटना हुई तो शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध जांच कराकर वैधानिक कार्रवाई होगी।

डीएम ने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिया है कि विभिन्न बैंकों को निर्देश देकर इस आदेश का कड़ाई से पालन कराएं। डीएम ने अपर जिला मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा को दिए निर्देश में कहा है कि शासन ने जनपद में किसानों से बकाया वसूली स्थगित कर दी है।

इस पर कड़ाई से पालन किया जाए। किसी किसान का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि किसानों के उत्पीड़न का मामला सामने आए तो शाखा प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें