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रेलवे को खतरों से आगाह करेगा डाटा लागर सिस्टम

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बांदा। रेल हादसे रोकने के लिए रेलवे डाटा लॉगर सिस्टम का सहारा ले रहा है। इस प्रणाली से ट्रेनों के आवागमन, सिग्नल और ब्लाकों की गतिविधियों को रिकार्ड कर कंट्रोल रूम को सूचना दी जा सकेगी। प्रथम चरण में बांदा जंक्शन से चित्रकूट के ओहन स्टेशन तक लगाया जा रहा है। संरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
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पुखरायां, इलाहाबाद, पंजाब में हुए रेल हादसों के बाद रेलवे स्टेशनों के सिग्नल और ब्लाकों को डाटा लॉगर सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में उपकरण लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रथम चरण में इलाहाबाद रूट पर बांदा से ओहन स्टेशन तक काम शुरू कर दिया गया है।

झांसी की संरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल एवं टेलीकाम) एके निराला ने बताया कि यह ऐसी प्रणाली है जो ट्रेन से लेकर सिग्नल व ब्लाकों तक की सारी गतिविधियों को रिकार्ड कर कंट्रोल रूम को खतरों से आगाह करेगी।
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बताया कि झांसी मंडल में इस उपकरण को चार चरणों में लगाया जाएगा। द्वितीय चरण में भीमसेन स्टेशन से खैरार जंक्शन तक व तृतीय चरण में झांसी के बरुआसागर स्टेशन से बांदा तक और चौथे चरण में महोबा से खजुराहो तक लगाया जाएगा।
चेन सिस्टम से जोड़े जाएंगे सिग्नल
डाटा लॉगर सिस्टम लगाने के बाद सभी सिग्नल व ब्लाकों को चेन सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा। एक स्टेशन से ट्रेन के गुजरने के बाद दूसरे स्टेशन का सिस्टम काम करना शुरू कर देगा, ताकि पहले स्टेशन पर हुई गलतियों को देखकर अधिकारी आगे के स्टेशन को सतर्क कर सकें।

लोकल स्तर भी होगा सेफ्टी प्वाइंट
बांदा। डाटा लॉगर सिस्टम का एक सेफ्टी प्वाइंट लोकल स्तर पर भी दिया जाएगा, ताकि रेलवे के उच्चाधिकारियों से लेकर स्थानीय स्तर के अधिकारी भी खतरों पर निगरानी रख सकें। इसके लिए रिले सेंटर पर एक कंप्यूटर लगेगा। निगरानी का दायित्व संबंधित सीनियर इंस्पेक्टर को दिया जाएगा।

डाटा लॉगर सिस्टम के फायदे
डाटा लॉगर सिस्टम सिग्नल अप-डाउन और ट्रेन के पटरियां बदलने की रिपोर्ट को रिकार्ड करेगा। संभावित खतरे के प्रति कंट्रोल रूम को अलर्ट करेगा। रेलवे का दावा है कि इससे दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। दुर्घटना होने पर खामियों का ही पता लग जाएगा। अधिकारी और कर्मचारी की गलती से गलत दिशा में जा रही ट्रेन को रोकने का भी काम किया जा सकेगा।
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