बांदा। दिवाली पर घर में ‘लक्ष्मी’ लाने के लिए 50 रुपये से 11 हजार रुपये तक खर्च करने होंगे। बाजार तैयार है। लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमाएं लोगों को आकर्षित करा रही हैं। मिट्टी व प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों की ज्यादा डिमांड है।
चाइनीज मूर्तियां भी उपलब्ध हैं। लेकिन इनके खरीदार कम हैं। एल्युमीनियम व कॉपर से बनाई गई गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियाें पर चांदी और सोने जैसी पॉलिश है। इसमें रेशम, मोतीयुक्त गोटे का श्रृंगार है। मुकुट, छत्र और सिंहासन में डायमंड की तरह चमक वाले जरकिन का इस्तेमाल किया गया है। डेढ़ फीट तक की इन मूर्तियों की कीमत 11 हजार रुपये है। मिट्टी की मूर्ति 50 रुपये की है। यह पिछले साल 30 रुपये में थी। तांबा और पीतल की मूर्ति 700 से 900 और चांदी में 50 ग्राम वजन की मूर्तियां 2400 रुपये की हैं।
दिवाली पूजन का मुहूर्त 7:50 तक
दिवाली पर गणेश-लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 से 7.53 बजे तक व रात्रि को 12:22 से 2:36 तक रहेगा। पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने बताया कि पूजन मुहूर्त के समय स्वाती नक्षत्र आयुष्मान योग के साथ सौभाग्य योग दायक है। वृष लग्न (स्थिर लग्न) है। इस काल में पूजन, यंत्र-मंत्र करने से भक्त को गणेश-लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूरब दिशा में मुख करके पूजन करना शुभ होता है। लक्ष्मी का पसंदीदा फूल कमल पूजन में जरूर रखें।
इस प्रकार करें गणेश-लक्ष्मी का पूजन
घर के दरवाजे के दोनों ओर गंगाजल छिड़कें। रोली व सिंदूर के घोल से ओम व स्वाष्तिक और शुभ-लाभ लिखें। धन व समृद्धि के लिए एक बड़ा मीठे तेल का दीपक जलाएं जो 24 घंटे तक जलता रहे। पूजन में घी का दिया जलाएं। गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति को गंगाजल, दूध, शहद आदि में स्नान कराएं। वस्त्र पहनाने के बाद चंदन चावल लगाएं। कमल, चमेली, गुलाब आदि फूल चढ़ाएं। पांच प्रकार के फल व सात प्रकार के मिष्ठान, खीर आदि अर्पित करें। पूजन में 11 कौड़ियां, 21 कमल गट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों व नारियल आदि चढ़ाएं। पूजा के बाद इसे बांधकर तिजोरी में रखें। दिवाली के दिन अशोक व इमली के पेड़ की टहनी लाकर पूजन करने और तिजोरी में रखने से घर में संपत्ति की वृद्धि होती है।
बाजार में सज गईं आकर्षक गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां
दिवाली आज, घरों में होगी पूजा
अमर उजाला ब्यूरो