अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। पिपरगवां गांव में चल रही रामलीला में शुक्रवार को कैकेई-मंथरा, कैकेई-दशरथ संवाद, रामवनगमन, केवट संवाद व चित्रकूट विश्राम का मंचन हुआ। कैकेई-दशरथ संवाद में कैकेई ने दो वरदानों में राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राज्याभिषेक मांगा। पिता के वचन के लिए राम वन को चल देते हैं। उनके साथ सीता व लक्ष्मण भी जाते हैं।
पुत्र के वियोग में दशरथ रो-रोकर अपने प्राण त्याग देते हैं। यह मंचन देख श्रद्धालुओं की आंखे भी झलक पड़ीं। इस मौके पर ग्राम प्रधान संतोष कुमार, मुन्ना सिंह, रामशरण सिंह, गयादीन, रोहित, आलोक, शीलू, पंकज वर्मा आदि ने व्यवस्था संभाली।
ओरन प्रतिनिधि के मुताबिक तेंदुरा गांव के नगरिहा पुरवा रामजानकी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास अखिलेश गौतम (वृंदावन) ने श्रीकृष्ण जन्म और माखन चोरी का वर्णन किया।
मथुरा में कंस की जेल में श्रीकृष्ण के जन्म होने पर श्रोताओं ने जय श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म के बाद देवकी और वासुदेव भगवान का विराट रूप देखकर चकित रह गए। फिर बाल रूप में वासुदेव ने उन्हें यमुना पार कर गोकुल में नंद के घर पहुंचाया।
यशोदा और कृष्ण के बीच बाल लीलाओं के प्रसंग सुन महिलाएं गदगद हुईं। कथा सुनने को आसपास के तमाम गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजक मंडल में बली सिंह, ऋषिराम द्विवेदी, रामनिहोर सिंह, राममंत्र, रामलखन सिंह, राममिलन, संतोष गौतम आदि ने व्यवस्था संभाली।
राम को वन जाता देख आंखें हुईं नम
पिपरगवां गांव में रामलीला का चल रहा मंचन