5 thousand quintal paddy dump in the procurement centers of the headquarters
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बांदा। खरीदा गया धान मिलों में न पहुंचाए जाने से खरीद केंद्र ओवर स्टाक से बाधित हो रहे हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जगह का अभाव बताकर केंद्र प्रभारी खरीद की रफ्तार सुस्त किए हैं। लगभग 5 हजार क्विंटल धान केंद्रों में रखा हुआ है।
मुख्यालय स्थित मंडी समिति में विपणन व भारतीय खाद्य निगम के क्रय केंद्र खुले हैं। जहां पर रोजाना 200 से 300 क्विंटल धान की खरीद की जाती है। 3 हजार क्विंटल से अधिक धान डंप है। गोदाम प्रभारी पंकज का कहना है कि जल्द उठान न हुआ तो खरीद में बाधा आ सकती है।
उधर, भारतीय खाद्य निगम के क्रय केंद्र प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि गोदाम की क्षमता 2 हजार क्विंटल की है। जबकि गोदाम में 1750 क्विंटल धान डंप हो चुका है। पल्लेदार धान की बोरियों को 20 फीट ऊंचाई पर रखने से इनकार कर रहे हैं। जल्द धान का उठान न हुआ तो खरीद बंद करनी पड़ेगी।
जिला विपणन अधिकारी सीपी पांडेय का कहना है कि मिलर्स प्रतिदिन क्रय केंद्रों से एक ट्रक धान का उठान कर रहे हैं। मकर संक्रांति के त्योहार के कारण धान का उठान नहीं हुआ है। मिलर्स से कहा गया कि दो से तीन ट्रक धान का उठान करें।
बोरे फाड़कर धान खा रहे अन्ना मवेशी
अतर्रा। बिसंडा सहकारी समिति में किसानों से खरीदा गया धान बिना किसी सुरक्षा के टीनशेड के नीचे रखा हुआ है। अन्ना मवेशी बोरे फाड़ कर खा रहे हैं। एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी का कहना है कि निरीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
खरीद केंद्र में डंप धान में मुंह मारती अन्ना गाय। संवाद - फोटो : BANDA