बांदा। पुलवामा में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवानों की शहादत पर शोक मना रहे स्थानीय लोगों को अपने ही बीच के सीआरपीएफ सब इंसपेक्टर को अंतिम विदाई देनी पड़ी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण शरीक हुए। सीआरपीएफ और पुलिस की टुकड़ी ने चिता स्थल पर सलामी दी।
मरका थाना क्षेत्र के काजीटोला गांव निवासी रमेश सिंह गौर सीआरपीएफ में सब इंसपेक्टर थे। उनकी उम्र लगभग 53 वर्ष थी। वे इलाहाबाद के फाफामऊ में सीआरपीएफ कैंप में तैनात थे। कई साल से कैंसर था। मुंबई में इलाज चल रहा था। चार दिन पहले भी मुंबई से चेकअप कराकर वापस आए थे। शनिवार को कैंप में ही हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में निधन हो गया।
देर शाम सीआरपीएफ टुकड़ी शव लेकर पैतृक गांव काजीटोला आई। रविवार को सुबह गांव में अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ की 10 सदस्यीय टीम और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने सलामी दी। पुत्र संजय सिंह ने मुखाग्नि दी। काजीटोला चौकी प्रभारी संजय कुमार सिंह, सीआरपीएफ एसआई राशिद खां, हेड कांस्टेबल हीरामन सोनकर, प्रहलाद शर्मा, राजीव कुमार सिंह, कांस्टेबल दयाशंकर यादव, रमेशचंद्र, सुभाष, सत्येंद्र कुमार यादव, वीके मलखान, रामपलक प्रजापति सहित गांव के प्रधान पति लाखन सिंह निषाद, बच्चा सिंह आदि उपस्थित रहे। प्रधानपति ने बताया कि उप निरीक्षक की स्मृति में गांव में गेट का निर्माण होगा। मृतक अपने पीछे पत्नी सरोज देवी और दो बेटे संजय सिंह व कुलदीप सिंह छोड़ गए हैं।