बांदा। बांदा-मानिकपुर रेल रूट पर मिले वृद्ध का शव रिक्शे पर पोस्टमार्टम हाउस भेजने के मामले में जीआरपी घिर गई है। एसडीएम सदर ने जांच में जीआरपी की लापरवाही पाई है। उधर, जीआरपी थानाध्यक्ष का कहना है कि रिक्शे पर शव वृद्ध के परिजन ले गए थे।
शनिवार की शाम बांदा-मानिकपुर रूट पर नहरपुर अतर्रा के पास मिले 70 वर्षीय वृद्ध का शव मिला था। शव पोस्टमार्टम हाउस रिक्शे पर भेजा गया था। यह मामला मीडिया में उछला तो डीएम ने एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह को जांच के आदेश दिए। रविवार को एसडीएम ने जांच की।
उन्होंने जीआरपी थानाध्यक्ष इंद्रमोहन बडोला और प्रभारी सीएमओ से लिखित बयान लिए। शाम को डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में जीआरपी थाना प्रभारी इंद्रमोहन बडोला के बयानों का हवाला देकर कहा कि मृतक की शिनाख्त हो चुकी थी। परिजन थाने आ गए थे।
जीआरपी कांस्टेबलों को शव पोस्टमार्टम हाउस ले जाने के लिए प्राइवेट वाहन नहीं मिल पाया। इस पर मृतक के परिजन खुद शव को रिक्शे पर रखकर पोस्टमार्टम हाउस ले गए। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट में लिखा है कि जीआरपी को चाहिए था कि मुक्तिधाम अथवा सीएमओ से संपर्क कर शव के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराते, लेकिन जीआरपी ने लापरवाही बरती।
यह भी लिखा कि जीआरपी थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि अज्ञात शव के निस्तारण और अंतिम संस्कार के लिए सरकार की ओर से 1000 रुपये खर्च की व्यवस्था है, लेकिन शिनाख्त हो जाने पर यह नियम नहीं लागू होता। परिजन ही अंतिम संस्कार करते हैं। उधर, प्रभारी सीएमओ भगवती प्रसाद ने अपने बयान में कहा है कि जिला अस्पताल में मृत्यु होने पर ही शव को परिजनों या पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। सीएमओ ने इसका शासनादेश भी संलग्न किया है।
-डीएम के आदेश पर एसडीएम ने जांच कर सौंपी रिपोर्ट
-शनिवार की शाम रेलवे ट्रैक पर मिला था वृद्ध का शव
अमर उजाला ब्यूरो