सांसद विशंभर निषाद, पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, भानु प्रताप सिंह वर्मा, उमा भारती।
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अपने निर्वाचन क्षेत्र के पसंदीदा गांव को ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ (एसएजीवाई) में चयनित करके गांव को विकसित करने में प्रदेश के 74 सांसदों ने दिलचस्पी नहीं ली। इनमें 46 लोकसभा सदस्य और 28 राज्यसभा सदस्य हैं। बुंदेलखंड के भी चार सांसदों ने अब तक गांवों का चयन नहीं किया है।
गांवों के प्रति सांसदों की बेरुखी प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (समग्र ग्राम विकास) नवतेज सिंह द्वारा 15 मार्च को जिलाधिकारियों को भेजे गए सरकारी पत्र से उजागर हुई। सांसदों को पिछले वर्ष सितंबर माह से आदर्श ग्राम योजना के तहत दूसरे चरण का गांव का चुनने के लिए लगातार अनुरोध किया जा रहा है। लेकिन सांसद इस पर तवज्जो नहीं दे रहे।
प्रमुख सचिव ने सितंबर और जनवरी माह में भेजे गए इसी आशय के सरकारी पत्रों का हवाला देकर कहा है कि प्रदेश के 46 लोकसभा सदस्य और 26 राज्यसभा सदस्यों ने दूसरे चरण में अपने संसदीय क्षेत्रों के आदर्श गांवों का चयन नहीं किया है। जिससे उनके गांवों को वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया। प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी से कहा है कि दूसरे चरण के गांवों का चयन करके इसकी पुष्टि सांसद से कराकर वेबसाइट पर शीघ्रातिशीघ्र लोड करें।
गांवों का चयन न करने वाले बुंदेलखंड के सांसदों में बांदा से राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद और हमीरपुर से लोकसभा सदस्य कुंवर पुष्पेंद्र सिंह, जालौन के लोकसभा सदस्य भानुप्रताप सिंह वर्मा और झांसी की लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती शामिल हैं।