बांदा में नवाबी जामा मजिस्द का मुख्य गेट। रमजान के लिए इसे रंगरोगन से संवारा गया है।
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बांदा। रमजान अबकी रोजदारों के सब्र का पूरा इम्तिहान लेगा। शिद्दत की गर्मी धूप और उमस के बीच रोजदारों को 15 घंटे 20 मिनट तक भूख के साथ प्यास की शिद्दत बर्दाश्त करनी होगी। रोजे की यह लंबी इबादत एक-दो दिन नहीं बल्कि पूरे माह चलेगी। 36 साल बाद जून माह में रमजान आया है। इसके पहले 1979 में जून माह में रमजान पड़ा था।
सात जून (मंगलवार) से माहे रमजान शुरू हो रहा है। पहले रोजे के लिए तड़के तीन बजकर 43 मिनट पर सहरी खत्म हो जाएगी। इफ्तार शाम सूरज डूूबने के बाद सात बजकर दो मिनट पर होगा। दूसरे रोजे से 15वें रोजे (21 जून) तक सहरी का वक्त तीन बजकर 42 मिनट तक रहेगा।
इफ्तार पहले से तीसरे रोजे तक सात बजकर दो मिनट पर, चौथे से छठवें रोजे तक सात बजकर तीन मिनट, 7वें से 9वें रोज तक सात बजकर चार मिनट, 10वें से 12 रोजे तक सात बजकर पांच मिनट, 13वें से 15वें रोजे तक सात बजकर छह मिनट और 16वें से 18वें रोजे तक सात बजकर सात मिनट पर इफ्तार होगा। 20वें रोजे से रमजान खत्म होने तक इफ्तार का समय सात बजकर आठ मिनट पर ठहर जाएगा।