पिता की क्रूरता का शिकार हुए मासूम कार्तिक का शव घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी यमुना नदी की जलधारा में लापता है। इस घटना से मां शारदा गहरे सदमे में हैं और लगातार अपने बेटे के बारे में पूछ रही हैं। नौ जनवरी को घटना का खुलासा होने के बाद से ही पुलिस और गोताखोरों की टीमें अथक प्रयास कर रही हैं लेकिन नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
मासूम कार्तिक के मामा शंकर सिंह ने हत्यारोपी पिता राजेंद्र पर जानबूझकर बेटे की जान लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र में कोई पश्चाताप नहीं दिख रहा है। परिवार ने प्रशासन और न्यायालय से हत्यारोपी पिता को मृत्युदंड देने की मांग की है। उनका मानना है कि ऐसे दरिंदों को कड़ी सजा न मिलने पर समाज में कोई भी बच्चा सुरक्षित नहीं रहेगा। मां शारदा की हालत सबसे दयनीय है। वह अपने बेटे की तस्वीर सीने से लगाए, कभी नदी की ओर तो कभी आसमान की तरफ देखती हैं।
क्षेत्राधिकारी सदर राजवीर सिंह गौर ने बताया कि मासूम के शव की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गोताखोरों की मदद से पुलिस ने जलधारा में करीब 36 किमी तक सर्च अभियान चलाया है लेकिन अभी तक शव बरामद नहीं हो सका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी तत्परता से प्रयास कर रही है और हत्यारोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
फोटो- 06 पुलिस की मौजूदगी में यमुना की जलधारा में मासूम का शव खोजने के लिए जाल डालते गोताखोर। स