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36 कोबरा मोबाइल टीमें करेंगी निगहबानी

Mon, 02 Mar 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
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कई बार शुरू होकर टाय-टाय फिस्स हो गई पवन, चेतक और चीता पुलिस मोबाइल टीमों के बाद अब ‘कोबरा मोबाइल टीम’ गठित की गई है। 36 पुरानी बाइकों को रंगरोगन और रिपेयरिंग से तैयार कर कोतवाली और थानों को भेज दिया गया है।
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हरेक बाइक पर दो कांस्टेबल इंसास रायफल और वायरलेस सेट के साथ सवार रहेंगे। 12-12 घंटे की ड्यूटी पर कोबरा टीम 24 घंटे काम करेगी।

पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर ने सोमवार को पुलिस लाइन में 36 कोबरा टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें बांदा शहर के लिए 4 टीमें तय की गई हैं। अन्य सभी थानों में दो-दो टीमें तैनात रहेंगी।

टीम में शामिल जवानों को वायरलेस के साथ ही मोबाइल फोन भी रखना अनिवार्य किया गया है। सुबह 8 बजे और रात 8 बजे ड्यूटियां बदलेगी। हर कोबरा टीम को उसके मौजूद रहने का स्थान थानाध्यक्ष सीओ से मशविरा करके तय करेंगे। इसकी सूचना एसपी, अपर एसपी और कंट्रोल रूम (डीसीआर) को दी जाएगी।
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कंट्रोल रूम हर घंटे कोबरा टीमों की लोकेशन लेगा। एसपी ने बताया कि यह टीमें ऐसे स्थान पर तैनात रहेंगी। जैसे सुबह मार्निंग वाक वाले स्थल, धार्मिक स्थल, बाजार, स्कूल, कालेज, आफिस, बैंक, रेलवे स्टेशन, सिनेमा घर, माल, सर्राफा बाजार और सुबह-शाम भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रहेगी।

स्कूल खुलने और बंद होने के समय खासतौर पर उस क्षेत्र में कोबरा टीम कर्मी उपलब्ध रहेेंगे। कोई भी घटना या दुर्घटना होने पर कोबरा टीम तत्काल मौके पर पहुंचेगी और वहां के थानाध्यक्ष व सीओ को सूचना देगी।

गौरतलब है कि इसके पूर्व में भी कई वर्षो में पुलिस अधीक्षकों ने पवन, चेतक, चीता इत्यादि नामोें से ऐसी ही गश्त व्यवस्था की थी। लेकिन कुछ दिन बाद यह सभी फ्लाप हो गई।

सुरक्षा से ज्यादा बाइकों का इस्तेमाल पुलिस कर्मी अपने निजी कार्यों के लिए करते रहे। बाइकाें मेें पेट्रोल भराने की भी समस्या रही। विभाग से पेट्रोल न मिलने पर पुलिस कर्मी जेब से पेट्रोल जलाने के बजाए बाइकों को थाना, चौकियों में ही खड़ा रखते रहे।
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