पीएचसी चिकित्साधिकारी और ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि व समर्थकों के बीच हुई मारपीट मामले में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समझाने पर डाक्टरों ने ओपीडी बहाल कर दी। उधर, पुलिस ने चार नामजदों में दो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
तिंदवारी पीएचसी चिकित्साधिकारी डा.देव और ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि वरुण यादव व उनके समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। इससे उत्तेजित डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल में तालाबंदी कर हड़ताल पर चले गए।
जिला अस्पताल के डाक्टरों ने भी एसपी को ज्ञापन देकर आरोपियों को जेल भेजने की मांग करते हुए 3 अप्रैल (बुधवार) से ओपीडी बंद करने की चेतावनी दी है।
लेकिन पुलिस ने हड़ताल से हालात बिगडने से पहले ही चार नामजदों में दो को गिरफ्तार कर लिया। इनमें हफीजुल इस्माइल पुत्र जहूरुल इस्लाम निवासी बांस मंडी, कानपुर (हाल मुकाम प्रेम नगर, तिंदवारी) और अतुल कुमार पुत्र रघुवीर सिंह यादव निवासी नालाजेई (एटा) शामिल हैं। दोनों को जेल भेज दिया गया।
उधर, सीएमओ डा.संतोष कुमार ने तिंदवारी पीएचसी पहुंचे और स्वास्थ्य कर्मियों को हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया। वार्ता के बाद डाक्टर और कर्मचारी ओपीडी बहाल करने को राजी हो गए।
ओपीडी में 13 मरीजों का इलाज भी किया। उधर, प्रधान संघ अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश को छुड़वाने के लिए प्रधानों ने चेतावनी दी कि एफआईआर से नाम नहीं हटता तो प्रधान संघ उच्चाधिकारियों से मिलेगा।