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जखनी का फिर जलवा, उमाशंकर को ‘जल योद्धा’ सम्मान

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बांदा। पैतृक गांव जखनी को जलग्राम का तमगा दिलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता उमाशंकर पांडेय को ‘जल योद्धा’ के रूप में द्वितीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ऑनलाइन समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया और मंत्रालय के सचिव यूपी सिंह, पद्मभूषण अनिल जोशी, नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र सहित देश के कई जल विशेषज्ञ भी शामिल रहे।
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यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश में पहला और उत्तर पूर्व राज्यों का द्वितीय पुरस्कार है। उमाशंकर पांडेय ने बताया कि उन्हें यह सम्मान जल संरक्षण की विधि, खेत में मेड़ और मेड़ पर पेड़ के लिए मिला है। इसके अलावा वह 15 साल से बगैर किसी सरकारी सहायता के मेड़बंदी का अभियान चला रहे हैं। जखनी गांव को जल शक्ति मंत्रालय ने मॉडल के रूप में पेश किया है।
बुंदेलखंड में इन्हीं सब प्रयासों की देन है कि कई जिलों में जहां कोई धान की खेती नहीं होती, थी वहां आज बासमती जैसा चावल पैदा हो रहा है। भूजल स्तर भी ऊपर आया है। नीति आयोग ने भी मेड़बंदी को जल संरक्षण के लिए उपयुक्त माना है। इस सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार जताया।
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