बांदा। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने बताया कि मंडल के चारों जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही पेयजल योजनाओं के लिए शासन ने 30 करोड़ 53 लाख 89 हजार रुपये दिए हैं। इसमें 15.27 करोड़ रुपये जल संस्थान को दे दिए गए हैं। आयुक्त ने गांवों के लिए बनाई गई डीवीटी के 250 अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की।
आयुक्त ने बताया कि बांदा जिले में ओरन, तिंदवारी, बेर्रावं, कमासिन, कालिंजर, तिंदवारा, बरेठीकलां, निवाइच, बड़ेहा, जखौरा, महोखर, बबेरू ग्रामीण, तुर्रा बदौसा, बांदा ग्रामीण, इचौली, खप्टिहाकलां और जसपुरा। चित्रकूट में गढ़ीवा, सोनेपुर, कालूपुर, परिक्रमा मार्ग, खोही, मानिकपुर, पवारी, रामपुर, बिसौंधा, सरइया, मऊ, मंडौर, छिवलहा, सिंहपुर, बरगढ़, पहाड़ी और सुनसेन तथा हमीरपुर में चकोढ़ी, रेठारी, खरौंच, उमराहट, नौरंगा, कछवा कलां, रागौल, पौथिया, बिवांर, मुस्कुरा, पुरैनी और टीहर तथा महोबा जिले मेें खन्ना गुढ़ा, पनवाड़ी, जैतपुर आदि गांवों के लिए यह पैसा दिया गया है।
इन गांवों मेें जीआई पाइप लाइन बदलने, लाइनों का विस्तार, जीर्ण-शीर्ण लाइनें बदलने नलकूप निर्माण आदि के काम होंगे। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी ने बताया कि जल संस्थान को 50 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त कर दिया गया।
उधर, आयुक्त ने बृहस्पतिवार को कृषि विश्वविद्यालय सभागार मेें डीवीटी के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि सूखे के मद्देनजर अधिकारी रोजाना भ्रमण करें। कहा कि डीएम बांदा ने इन तीनों का प्रतिदिन फीडबैक लेकर अपना काम किया है। डीएम योगेश कुमार ने डीवीटी अधिकारियों को प्रेम भावना से काम करने को कहा। डीवीटी द्वारा गांवों की शिकायतों पर डीएम ने जांच-पड़ताल के आदेश दिए।