बांदा। निर्धारित पट्टा सीमा से बाहर बालू का अवैध खनन कराने के आरोप में तीन पट्टाधारकों के खिलाफ खनिज विभाग ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस ने चोरी की धारा सहित लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की है। खनिज विभाग के मुताबिक, तीनों पट्टाधारकों ने लगभग तीन लाख घनमीटर बालू का अवैध खनन कराया है। इसकी कीमत लगभग साढ़े 22 करोड़ रुपये बताई गई है।
उत्तर प्रदेश शासन के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग सचिव/निदेशक डा. रोशन जैकब (आईएएस) ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों की फौज के साथ जौहरपुर, कनवारा और पथरी खदानों में औचक छापा मारा था। उन्हें सभी खदानों में अवैध खनन और भारी अनियमितताएं मिली थीं। सख्त तेवर अपनाते हुए उन्होंने खनिज अधिकारी पट्टाधारकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और फर्मों को काली सूची में डालने तथा वसूली के आदेश दिए थे। इसी के बाद शुक्रवार को खनिज विभाग के खान निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने तिंदवारी और देहात कोतवाली में अवैध खनन के आरोपी पट्टाधारकों के खिलाफ तहरीर दी है।
तिंदवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत जौहरपुर खंड चार के खदान संचालक राकेश तिवारी (इंदिरा नगर) पर 73.876 घनमीटर और खंड पांच के खदान संचालक विजय कुमार जायसवाल (वाराणसी) पर 1500 हेक्टेयर रकबे में 111.325 घन मीटर बालू का अवैध खनन करना पाया गया। कोतवाली देहात क्षेत्र में पथरी खदान संचालक अभिषेक जायसवाल (वाराणसी) पर भी निर्धारित सीमा के बाहर बालू का अवैध खनन का आरोप है। तीनों खदान संचालकों के विरुद्ध धारा 379 आईपीसी सहित लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश
खनिकर्म निदेशक/सचिव डा. रोशन जैकब ने ओवर लोडिंग पर नाराजगी जताते हुए ओवर लोडिंग रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद एक कंपनी के वाहनों द्वारा ओवरलोड परिवहन की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जाए। बालू पट्टाधारकों को हिदायत दी कि खदान क्षेत्र में ट्रकों पर ओवरलोड बालू न भरी जाए। पकड़े जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
पट्टाधारक ने मंडलायुक्त से की शिकायत
बालू पट्टा कंपनी के संचालक बिहार के अनूप सागर सिंह ने मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह को अर्जी देकर कहा कि लहुरेटा (नरैनी) खदान का पट्टा पांच वर्षों के लिए स्वीकृत है। लगभग 28 करोड़ रुपये वार्षिक टैक्स अदा दे रहे हैं। खदान के रास्ते में पड़ने वाली भूमि के मालिकों से ट्रकों की निकासी का एग्रीमेंट है। आरोप लगाया कि तीन लोग लोभवश अवरोध पैदा कर रहे हैं। रास्ता खुदवाने से कई ट्रक धंस गए। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। आए दिन विवाद करते हैं। मंडलायुक्त से कार्रवाई की मांग की है।
अधिकांश खदानों में टीमों को मिलीं गड़बड़ियां
चित्रकूटधाम मंडल की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चिंता जाहिर करने के बाद खनिज विभाग ने अवैध खनन और ओवर लोडिंग के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए। मुख्यमंत्री के लौटने के तीसरे दिन ही लखनऊ की तीन टीमों ने जनपद में डेरा डाल दिया था। तीनों टीमों ने जिले की सभी 29 खदानों की जांच की। सीसीटीवी कैमरे, धर्मकांटा से लेकर खनन तक टीमों ने स्थलीय सत्यापन किया। सूत्रों के मुताबिक, कुछेक खदानों को छोड़कर अधिकांश बालू खदानों में टीमों को तमाम अनियमितताएं मिलीं। टीमें यहां छह दिन रहीं। सूत्रों के मुताबिक, टीम की रिपोर्ट के बाद शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
अफसरों को नजर नहीं आया अवैध खनन
लखनऊ से यहां आईं खनिकर्म निदेशक/सचिव डा. रोशन जैकब (आईएएस) ने खदानों में अवैध खनन पकड़ा, लेकिन हैरत की बात है कि स्थानीय अफसरों को अवैध खनन और ओवर लोडिंग नजर नहीं आई। सचिव द्वारा अवैध खनन पर पट्टाधारकों के खिलाफ की गई कार्रवाई और स्थानीय अफसरों की उदासीनता की चर्चा रही। उधर, लगातार छापे और कार्रवाई से खदान संचालकों और ट्रांसपोर्टरों में दहशत है। आलम यह है कि ओवर लोड की जगह अंडर लोड ट्रक नजर आ रहे हैं।
पट्टाधारकों से वसूली जाएगी बालू की कीमत
तीनों पट्टाधारकों द्वारा करीब 3 लाख घन मीटर में बालू का अवैध खनन कराया गया है। इसकी कीमत लगभग 22 करोड़ 50 लाख रुपये है। तत्काल प्रभाव से तीनों पट्टे निरस्त कर दिए गए हैं। पट्टा संचालकों को जुर्माने की नोटिस देने की तैयारी है। खदान संचालकों द्वारा जानबूझकर अवैध खनन किया गया है। अवैध खनन वाले हिस्से से निकाली गई बालू की कीमत पट्टाधारकों से वसूली जाएगी।
-सुभाष सिंह, जिला खनिज अधिकारी
3 lakh ghan meter se jyada likli bali- फोटो : BANDA