कृषि राज्यमंत्री के पैरों पर गिरकर अपनी व्यथा सुनाता पूर्व सैनिक बृजलाल।
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बांदा। देहात कोतवाली पुलिस ने नहीं सुनी तो पूर्व सैनिक अपने बेटे-बहू और बच्चों संग कलक्ट्रेट आ गया। एक चौथाई फसल काट लेने की सुनवाई यहां भी न होने पर उसका बेटा शुक्रवार को कृषि राज्यमंत्री/प्रभारी मंत्री लाखन सिंह राजपूत के पैरों पर गिर पड़ा। रोकर बताया कि उसके खेत की एक चौथाई फसल गांव के ही एक व्यक्ति ने काट ली है। पुलिस उसकी नहीं सुन रही। दिन भर डीएम साहब से मिलने बैठा रहा। दबंग उसे व उसके परिवार को धमकी भी दे रहा है।
तहसील क्षेत्र के कमनौडी गांव का बृजलाल थल सेना से जूनियर कमीशन अधिकारी पद से 2009 को सेवानिवृत्त हुए थे। शुक्रवार को वह अपने पुत्र नरेंद्र पाल उसकी पत्नी और बच्चों सं शिकायत लेकर कलक्ट्रेट आया था। यहां जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि राज्य मंत्री प्रदेश सरकार के 4 वर्ष पूरे होने पर उपलब्धियों की मीडिया से वार्ता कर रहे थे। वार्ता के बाद वह बाहर निकले तो बृजलाल का पुत्र नरेंद्र पाल उनके पैरों पर गिर पड़ा। बताया कि चकबंदी न्यायालय से बृजलाल बनाम शिवराज आदि में 12 फरवरी 2020 को निर्णय के अनुसार चक संशोधन हुआ था। 2 मार्च 2020 को अमल दरामद भी हो चुका है।
बृजलाल को 0.508 का रकबा और रघुनंदन को 0.697 बचत में दिया गया है। विपक्षी ने अपीलीय आदेश का उल्लंघन कर 13 मार्च 2021 को उसकी एक चौथाई फसल काट ली है। मना करने पर धमकी दे रहा है। उसने देहात कोतवाली में शिकायती पत्र दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। धमकी से डरकर वह कलक्ट्रेट आया और दिनभर परिवार संग बैठा रहा। मंत्री ने डीएम आनंद कुमार सिंह से जांच कराकर कार्रवाई को कहा। बृजलाल ने बताया कि उसका बड़ा पुत्र राकेश पाल एनएसजी कमांडो है। वह वर्तमान में मानेसर (हरियाणा) में तैनात है। छोटा पुत्र नरेंद्र पाल की तिंदवारी रोड में इलेक्ट्रिक की दुकान है।