बांदा। बुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का सरकारी
फरमान पावर कारपोरेशन के खटारा सिस्टम में पहले ही दिन धड़ाम हो गया।
गांवों में कहीं भी न तो 12 घंटे बिजली मिल रही है और न ही पर्याप्त
वोल्टेज।
बुधवार से बुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली दी जा रही है।
चित्रकूटधाम मंडल के पावर कारपोरेशन ने खटारा सिस्टम की पोल खुलने से बचाने
के लिए गांवों को लगातार 24 घंटे बिजली न देकर 12-12 घंटे आपूर्ति का
शेड्यूल लागू किया है।
शहरी क्षेत्र को शासन के इस आदेश का कोई लाभ
नहीं मिला। पावर कारपोरेशन अधिकारियों ने शहरी क्षेत्र में पुराना शेड्यूल
बरकरार रखा। गांवों में 12 घंटे भी आपूर्ति नहीं हो पा रही।
आपूर्ति
के कुछ घंटे तो बढ़े हैं, पर वोल्टेज नहीं बढ़ा। नतीजतन नलकूप नहीं चल पा
रहे। खेतों में पलेवा नहीं हो पा रहा। नरैनी के खलारी गांव के किसान लाल
बहादुर पटेल ने बताया कि सिर्फ नौ घंटे बिजली मिली है।
उसमें भी
वोल्टेज पूरा नहीं था। कालिंजर क्षेत्र के पंचमपुर गांव के राज किशोर पटेल
ने आठ घंटे, मोतियारी गांव के रज्जू वर्मा ने छह घंटे, कबौली गांव के इदरीश
और गोरेपुरवा के हबीबुल्ला ने 10 घंटे बिजली मिलने की जानकारी दी है।
सभी
के निजी नलकूप हैं। इन गांवों में वोल्टेज भरपूर नहीं मिल रहा। बबेरू
तहसील के मझीवां गांव के किसान रामसनेही यादव व कल्लू सिंह चंदेल, भटौली के
जागेश्वर निषाद, पतवन के लालबहादुर सिंह यादव, अमर सिंह, वीरेंद्र यादव,
मंठा गांव के अमर, शिव कुमार पटेल और बबेरू ग्रामीण के शिवमंगल सिंह चौहान व
नत्थू चौधरी, टोलाकलां के माता प्रसाद यादव ने बताया कि गांवों में 12
घंटे बिजली नहीं आई।
बमुश्किल चार-छह घंटे बिजली मिली, वह भी लो
वोल्टेज। तिंदवारी के अमलीकौर गांव के किसान नेपाल सिंह ने बताया कि बुधवार
को उनके क्षेत्र में बिजली आई ही नहीं।
गुरुवार को सुबह नौ बजे
आपूर्ति शुरू हुई तो वोल्टेज 280 से आगे नहीं बढ़ा, जबकि पूरी क्षमता से
नलकूप चलाने के लिए 440 वोल्ट होना चाहिए। बेंदा गांव के किसान कुंज बिहारी
सिंह ने भी यही बात कही।
अतर्रा तहसील में गुमाई गांव की किसान चंदन देवी ने बताया कि सिर्फ 6-7 घंटे बिजली मिल रही है। लो वोल्टेज की समस्या बरकरार है।
थनैल
के किसान राममनोहर, हरपाल यादव और देवखेर पौहार गांव के रामबचन पांडेय ने
भी 7-8 घंटे ही बिजली मिलना बताया। यहां भी वोल्टेज कम होने से नलकूप नहीं
चल पा रहे।
24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेशों की पावर कारपोरेशन के
सब स्टेशन ही पोल खोल रहे हैं। मंडल मुख्यालय में स्थित 132 केवी सब स्टेशन
से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा फीडरों में पिछले 24 घंटों में एक भी फीडर से
24 घंटे आपूर्ति नहीं हुई।