अधिसूचना जारी किए बगैर अनुबंध अध्यापकों को रेगुलर करने का मामला सामने आने पर विभाग में हड़कंप है।
बांदा। परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में बिसंडा ब्लाक के सात विद्यालय बंद मिले। बड़ोखर ब्लाक के तिंदवारा गांव में दर्जन भर टीचर बिना कोई सूचना गायब मिले। बीएसए ने इन सभी 21 से ज्यादा टीचरों का एक दिन का वेतन रोक दिया। सभी से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ओपी त्रिपाठी के निर्देश पर बिसंडा ब्लाक खंड शिक्षाधिकारी सुनील द्विवेदी ने मझीवां सानी के उच्च प्राथमिक विद्यालय का बुधवार को निरीक्षण किया। यहां सुबह आठ बजे ताला बंद मिला। तीन टीचरों का वेतन रोक दिया।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय, राछा, उच्च प्राथमिक विद्यालय, लोधन पुरवा, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय, रानीपुर भी निरीक्षण बंद मिले। राछा में प्रधानाध्यापक समेत चार, लोधन पुरवा में दो और रानीपुर में दो-दो टीचरों का एक दिन का वेतन रोक दिया। सभी से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
उधर, खंड शिक्षा अधिकारी बड़ोखर खुर्द के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय. तिंदवारा भाग-1 में टीचर प्रतिभा मिश्रा गायब मिलीं। यहां पंजीकृत 175 बच्चों में एक भी छात्र मौके पर नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय भाग-2 में प्रधानाध्यापक संध्या गुप्ता अवकाश पर थीं। शिक्षक कौशल्या देवी व सीमा साहू गैरहाजिर मिलीं।
रसोइया कृष्णकांति व श्यामा ने बताया कि ऐसी स्थिति कई दिन से है। प्राथमिक विद्यालय भाग-3 में प्रमिला यादव व प्रतिमा तिवारी अनुपस्थिति पाई गईं। यहां 160 में सिर्फ 15 बच्चे मिले। बीएसए ने अनुपस्थित पांचों टीचरों का एक दिन का वेतन रोक दिया और स्पष्टीकरण देने को कहा है।