हफ्ते भर बाद चूल्हा जलाती मृतक नत्थू की विधवा मुन्नी।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। जीते जी दाने-दाने को मोहताज रहे नत्थू की मौत के बाद अब उनके परिजनों से हमदर्दी जताने वाले उमड़ रहे हैं। घर में राशन और पैसे आने से करीब हफ्ते भर से बुझा घर का चूल्हा जल गया। उनकी विधवा ने बुधवार को अपने छह बच्चों के लिए कुछ भोजन बनाया। साथ ही मृत्यु के बाद होने वाली कड़ू भात की रस्म भी निभाई। दूसरी ओर जिलाधिकारी योगेश कुमार का कहना है कि नत्थू को हर महीने अंत्योदय से राशन मिल रहा था। उसकी मौत भूख से नहीं हुई है।
नरैनी तहसील के ऐला गांव के पुरवा मूंगुस का पुरवा में गरीब दलित नत्थू रैदास के घर कई दिनों से खाना नहीं बना था। हालांकि उन्हें अंत्योदय राशन कार्ड पर पिछले महीने भी राशन मिला था लेकिन आठ सदस्यों वाले परिवार में यह राशन चंद दिनों में खत्म हो गया। रविवार को समाजवादी राहत राशन की आस में नत्थू खाली पेट ही अपने गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर ऐला गांव जा रहे थे। रास्ते में हैंडपंप पर पानी पीते ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
महाराष्ट्र में आइसक्रीम बेचने वाले दो नाबालिग बेटों के आने के इंतजार में शव दो दिन घर में रखा रहा। मंगलवार को अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान तीन दिन तक किसी अफसर या नेता ने सुध नहीं ली। अंतिम संस्कार के बाद मीडिया के लोग पहुंचे तो आनन-फानन उनके घर समाजवादी राशन का पैकेट और 35 किलो गेहूं और चावल एसडीएम ने पहुंचा दिए।
बुधवार को ‘अमर उजाला’ के मुख्य पृष्ठ पर छपी खबर के बाद नत्थू के घर का सन्नाटा टूटा। एसडीएम नरैनी फिर उनके घर पहुंचे। उधर, भाजपा नेताओं का जत्था भी पहुंच गया। बांदा नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन ने नत्थू की विधवा को 500 रुपये, कुछ कपड़े और फल दिए।
भाजपा बुंदेलखंड के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री अजित कुमार गुप्ता ने 2000 रुपये दिए। नत्थू के एक लड़के को अपनी कंपनी में नौकरी और तेरहवीं संस्कार का पूरा खर्च वहन करने का वादा भी किया। प्रद्युम्न नरेश आजाद ने 500 रुपये दिए। बसपा के मंडलीय कोआर्डिनेटर मोहम्मद इदरीश ने गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी शुक्रवार को मुंगुस का पुरवा पहुंचेंगे।