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राष्ट्रीय गोकुल मिशन रोकेगा बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा

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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल को अन्ना प्रथा से निजात दिलाने के लिए गोकुल ग्राम योजना स्थापित करने की कवायद पशुपालन विभाग ने शुरू कर दी है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 522 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पशु अस्पताल, चारागाह व बायो गैस प्लांट समेत तमाम सुविधाएं मुहैया होंगी। एक हजार गायों की क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। पशुपालन विभाग तहसील प्रशासन के माध्यम से बड़ी आबादी वाले गांव में जमीन चिह्नित करने में जुट गया है। चारों जिलों में एक-एक गांवों का चयन होगा।
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19वीं पशुगणना के मुताबिक चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 5 लाख से ज्यादा गाय व बछड़े हैं। इनमें करीब ढाई लाख से ज्यादा गाय व बछड़े अन्ना हैं। अन्ना प्रथा खत्म करने के लिए पशुपालन विभाग के माध्यम से बधियाकरण, नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान, उन्नत नस्ल के साड़ों को छोड़ने का कार्यक्रम चल रहा है। लेकिन यह अन्ना प्रथा रोकने में कामयाब नहीं हो पा रहा है।

केंद्र सरकार ने अन्ना प्रथा खत्म करने और देशी गायों के संरक्षण के लिए अब चारों जिलों में एक-एक गांव का चयन कर राष्ट्रीय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत गोकुल ग्राम स्थापित करने की कवायद शुरू की है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत राज्य क्रियान्वयन इकाई, अंतिम कार्यान्वयन एजेंसी अथवा पब्लिक पार्टनरशिप के तहत गोकुल ग्राम स्थापित किए जाने हैं।
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इसके लिए 522 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है जो बड़ी आबादी वाले गांव में हो। पशुपालन विभाग के मुताबिक गोकुल ग्राम में वेटनरी अस्पताल, बायो गैस प्लांट, जैविक खाद गड्ढे, यूरिन प्रयोगशाला, वाटर टैंक, चारा ब्लाक, वर्मी कंपोस्ट व चारागाह क्षेत्र, एडमिनिस्ट्रिेटिव ब्लाक, कैटिल शेड बनाया जाएगा।

गोकुल ग्राम में 1000 पशुओं को रखा जाएगा। इसमें 600 गायें शाहीवाल, व थारपरकर जैसे अच्छे नस्ल की होंगी और 400 गायें अन्ना वाली होंगी। गोकुल ग्राम में अन्ना गायों की नस्ल सुधारी जाएगी। साथ ही जैविक खाद, बायो गैस, गोमूत्र से कीटनाशक दवाएं आदि तैयार होंगी। दुग्ध उत्पाद भी तैयार होंगे। गोकुल ग्राम से पशुपालन विभाग के अलावा उद्यान व कृषि विभाग भी जुड़ेंगे।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वीके सिंह ने कहा कि गोकुल ग्राम योजना अन्ना पशुओं को रोकने व नस्ल सुधार के साथ दुग्ध उत्पादन में मददगार होगी। योजना की गाइड लाइन के मुताबिक जिले में 522 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। योजना के लिए सरकारी जमीन के अलावा कोई भी व्यक्ति जमीन दे सकता है। इसका उसे फायदा भी मिलेगा। जमीन चिह्नित होते ही योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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-मंडल के चारों जिलों में होगा एक-एक गांवों का चयन
-522 हेक्टेयर जमीन में होगी गोकुल ग्राम की स्थापना
-यूरिन लैब के साथ बनेंगे बायो गैस प्लांट व चारा ब्लॉक
अमर उजाला ब्यूरो
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