कृषि विज्ञान केंद्र को गांवों के विकास की सर्वांगीण धुरी बनाना चाहिए। पांच से दस गांव गोद लेकर कृषि के साथ ही पूरा परिवेश बदल दें। हर गांव को मॉडल के रूप में विकसित करें। ये बातें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक डॉ. एके सिंह ने कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित पहली प्रसार परिषद की बैठक में कही।
कुलपति यूएस गौतम ने कहा कि दो महीनों के अंदर विश्वविद्यालय बदला नजर आएगा। दस दिनों के अंदर एक नया सर्टिफिकेट तीन महीने का प्रोग्राम प्रारंभ किया जाएगा। इसमें 20-20 लोगों को गांव में काम करने की शर्त पर भर्ती किया जाएगा। उनको लोन और उत्पादों के विक्रय की व्यवस्था विश्वविद्यालय करेगा। अन्ना पशुओं के नस्ल सुधार के लिए जल्द ही विश्वविद्यालय कार्यक्रम शुरू करेगा। बैठक का संचालन पीआरओ डॉ. बीके गुप्ता ने किया।
हमीरपुर के प्रगतिशील किसान देवसिंह, निदेशक प्रसार डॉ. एनके बाजपेई, निदेशक डॉ. धूमसिंह, कृषि विज्ञान केंद्र ललितपुर के डॉ. एके चौहान, कृषि विज्ञान केंद्र महोबा के डॉ. मुकेश चंद्र, कृषक सीमा खान सहित किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। कुछ पूर्व छात्रों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई। उप महानिदेशक ने विश्वविद्यालय के सभी संकायों के अधिष्ठाता व कृषि विज्ञान केंद्रों के निदेशकों, किसानों व अन्य लोगों को सम्मानित भी किया।