बांदा। गरीब बेटियों को अब व्यक्तिगत शादी अनुदान नहीं मिलेगा, बल्कि सामूहिक विवाह होंगे। इसके लिए मंडप सजाने से लेकर विदाई तक का जिम्मा अधिकारी और कर्मचारी निभाएंगे। क्षेत्रीय विधायक वैवाहिक स्थल पर मौजूद रहकर वर-वधू को आशीर्वाद व उपहार देंगे। उधर, व्यक्तिगत शादी अनुदान बंद होने से करीब 600 से ज्यादा गरीब परिवारों को झटका लगा है।
सपा सरकार में सभी वर्गों की गरीब बेटियों की शादी के लिए अनुदान मिलता था। लेकिन मौजूदा प्रदेश सरकार ने इस पर रोक लगा दी है। योगी सरकार ने व्यक्तिगत शादी अनुदान बंद करके अब जिला मुख्यालय समेत सभी विधान सभा क्षेत्रों में सामूहिक विवाह समारोह कराने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों के मुताबिक निदेशालय स्तर से इसकी गाइड लाइन आ गई है। शासनादेश का इंतजार है। इसके मुताबिक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वर-वधू पक्ष के खाने-पीने से लेकर ठहरने और विदाई तक की व्यवस्था संभालेंगे।
प्रदेश सरकार ने इसके लिए कुल ढाई सौ करोड़ रुपये बजट मंजूर किया है। जनपदवार बजट का अभी पता नहीं चला है। अब तक यह व्यवस्था थी कि शादी के बाद कन्या पक्ष द्वारा आवेदन किए जाने पर अनुदान राशि दी जाती थी। नई व्यवस्था से हाल ही में बेटियों की शादी कर चुके परिवार अनुदान नहीं पा सकेंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी आरडी यादव ने कहा कि शासन स्तर पर गरीब बेटियों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन का निर्णय हुआ है। लेकिन अभी तक इस बाबत जिला स्तर पर कोई आदेश नहीं आया है। निदेशालय स्तर पर खाका तैयार हो गया है। दिसंबर माह में शादियों के आयोजन होने हैं। इससे पहले बजट आदि आने की उम्मीद है।
-व्यक्तिगत शादी अनुदान पर लगी रोक
-अधिकारी संभालेंगे सामूहिक विवाह का जिम्मा
-विधायक वर-वधू को देंगे आशीर्वाद व उपहार
अमर उजाला ब्यूरो