बांदा। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि जो ग्राम प्रधान अच्छा काम करेंगे उन्हें वह अपने घर में डिनर देंगे। गड़बड़ी करने वाले प्रधानों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने सचिवों, लेखपालों और प्रधानों को राशन कार्ड आदि का सत्यापन करने के लिए 14 अगस्त तक की मोहलत दी है।
शुक्रवार को जेएन डिग्री कालेज सभागार में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए ग्राम प्रधानों की जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला हुई। जिसमें डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान चाह लें तो लेखपाल, सचिव और ग्राम स्तरीय सभी कर्मचारियों की कार्यशैली सुधर जाएगी।
ग्राम पंचायत स्तर पर कोई समस्या हो तो प्रधान सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। पौधरोपण, स्वच्छ शौचालय, परिसंपत्तियों का रखरखाव, गांवों की सफाई, स्कूलों की मरम्मत आदि की जिम्मेदारी प्रधानों की है। उन्हें 14 अगस्त तक ये सभी काम पूरे करने हैं।
डीएम ने कहा कि जो प्रधान उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा उन्हें वह अपने घर में डिनर देंगे। लापरवाही या गड़बड़ी की तो जेल भेजा जाएगा। सीडीओ रामकुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा में साढ़े 14 हजार पौधरोपण का लक्ष्य है। प्रधानों व सचिवों को इसे पूरा कराना है। सभी किसानों, मजदूरों व योजना के लाभार्थियों को आधार फीडिंग अनिवार्य है। जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां ने मेगा काल सेंटर के बारे में जानकारी दी।
अपर जिलाधिकारी गंगाराम गुप्त, परियोजना निदेशक (डीआरडीए) आरपी मिश्रा, जिला उद्यान अधिकारी परवेज खां, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आरडी यादव ने भी कार्यशाला में योजनाओं की जानकारी दी। कार्यशाला का समापन ‘स्वच्छ बांदा, सुंदर बांदा’ शपथ के साथ हुआ।
-उन्मुखीकरण कार्यशाला में ग्राम प्रधानों को डीएम ने दी दो टूक चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो