बांदा। चुनावी आचार संहिता के दौरान धार्मिक कर्मकांड या शादी-विवाह के नाम पर लंगर अथवा भोज पर भी निर्वाचन आयोग की निगाहें रहेंगी। ऐसा कोई भी आयोजन प्रत्याशी या उसके नाम से किसी अन्य व्यक्ति ने किया तो इस आयोजन में होने वाला खर्च प्रत्याशी के चुनावी खर्च में शामिल कर दिया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम हीरा लाल ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि प्रथागत रिवाजों के तौर पर धार्मिक संस्थाओं में आयोजित किए जाने वाले सामुदायिक भोज, लंगर तथा कर्मकांड, शादी, मृत्यु आदि के बाद दिए जाने वाला भोज/दावत आदि प्रत्याशी या उसके नाम से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाता है तो इस आयोजन पर होने वाला खर्च प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि इन आयोजनों में प्रत्याशी ने किसी प्रकार का वित्तीय योगदान नहीं किया है। न ही किसी आयोजन में राजनीतिक अभियान चलाया है। मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से किसी राजनैतिक दल या प्रत्याशी ने किसी तरह का टोकन, उपहार आदि बांटा तो इसे रिश्वत देना माना जाएगा। यह निर्वाचन अपराध की श्रेणी में होगा।
डीएम ने आम लोगों से कहा है कि प्रत्याशी द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से ऐसा कोई आयोजन/वितरण किया जाए तो उसकी सूचना जिला निर्वाचन कायरतिलय को दें।
वोट के लिए धमकाया तो जेल और जुर्माना
बांदा। चुनाव में वोट के लिए नकद या वस्तु के रूप में कुछ लेना-देना आईपीसी की धारा 171-ख के तहत अपराध होगा। इसमें एक वर्ष की कैद या जुर्माना अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी हीरालाल ने बताया कि इसी तरह आईपीसी की धारा 171-ग के तहत किसी को चोट पहुंचाने की धमकी देने पर भी एक वर्ष तक की जेल या जुर्माना अथवा दोनों दंड मिल सकते हैं।
डीएम ने बताया कि ऐसे लोगों की धरपकड़ के लिए उड़नदस्ते गठित किए गए हैं। वोटरों को डराने-धमकाने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा। किसी तरह की धमकी अथवा रिश्वत देने वालों की सूचना तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय के शिकायत प्रकोष्ठ में दें। कंट्रोल रूम के नंबर-05192-224460 और टोल फ्री नंबर-1950 है।