अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। सौर ऊर्जा लाइट लगाने का काम अब सिर्फ यूपी नेडा (नेचुरल इनर्जी डेवलपमेंट अथारिटी) ही करेगा। केंद्र सरकार ने उसे नोडल एजेंसी नामित किया है। डीएम ने डीआरडीए परियोजना निदेशक व डीडीओ समेत सभी अधिशाषी अभियंताओं को इस बाबत आदेश करते हुए खबरदार किया है कि इसमें लापरवाही की गई तो भुगतान रोका जाएगा।
पिछले पांच साल में शासन ने गांवों के लिए 1690 सोलर लाइटों का 3.70 करोड़ रुपये दिया था। प्रधान व सचिवों ने इसमें जमकर खेल किया। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर पंचायतों ने दो करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए। लाइटों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें हुईं। प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा पिछले हफ्ते जारी किए गए आदेश का हवाला देते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा है कि मानकों व गुणवत्ता की लगातार शिकायतों से नागरिकों का अक्षय ऊर्जा के प्रति विश्वास कम हो रहा है।
परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, एक्सईएन आरईएस, अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत), यूपी एग्रो सेवा अभियंता, सभी खंड विकास अधिकारियों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारियों से कहा है कि अक्षय ऊर्जा संबंधी काम नोडल एजेंसी यूपी नेडा से ही कराए जाएं अन्यथा भुगतान रोककर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदेश सरकार ने नामित किया है नोडल एजेंसी
-मुख्य सचिव के आदेशों से डीएम ने किया आगाह
न्य एजेंसियों से खरीदा तो रोका जाएगा भुगतान