बांदा। साहब! 16 साल से जेल में हूं। अब कौन अपना-कौन पराया। जिंदगी के दिन गुजर रहे हैं। यह किसी फिल्म का डायलॉग नहीं है। बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी ने अफसरों के सामने कहे।
शनिवार को डीएम आनंद कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक डा. सिद्धार्थ शंकर मीणा ने भारी पुलिस फोर्स के साथ जेल का औचक निरीक्षण किया। अफसरों की मौजूदगी में जब पुलिस मुख्तार अंसारी की बैरक खंगाल रही थी, उसी दौरान एक अफसर ने मुख्तार से मुखातिब होकर कह दिया कि कल (शुक्रवार को) चित्रकूट जेल में आपका (मुख्तार) साथी मार दिया गया। इस बात पर मुख्तार ने उस अफसर से अपना दर्द बयां किया कि साहब! 16 साल से जेल में हूं। जिंदगी के दिन गुजर रहे हैं। अब कौन अपना और कौन पराया। हालांकि, मुख्तार और अफसरों के बीच हुई इस बातचीत की जेल प्रशासन या अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है।
उधर, निरीक्षण के दौरान डीएम-एसपी सहित शहर कोतवाली, देहात कोतवाली समेत कई थानों का पुलिस फोर्स था। मुख्तार सहित जेल की सभी बैरकों की तलाशी ली गई। डीएम ने डिप्टी जेलर प्रभाकरन कांत से सुरक्षा की जानकारी ली। बताया कि दो दर्जन सशस्त्र बंदी रक्षकों को जेल के अंदर सुरक्षा में लगाया गया है। पचास सीसीटीवी, पांच बॉडीवार्न सहित ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। डीएम ने निर्देश दिए कि जेल के अंदर आने वाले हर सामान पर नजर रखी जाए। अफसर हो या कर्मचारी सबकी तलाशी ली जाए। शार्पशूटर व बड़े अपराधियों पर कड़ी नजर रखें। एसपी को बाहरी सुरक्षा बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।
मुख्तार की बैरक में परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर
बांदा। चित्रकूट जेल में गैंगवार में मारे गए मेराज अली और मुकीम काला से बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी से संबंध जुड़ने पर जेल प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है। परिंदा भी पर न मार सके की तर्ज पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मुख्तार की बैरक नंबर 16 से करीब 10 फीट दूर बैरिकेडिंग लगाई गई है। यहां 24 घंटे तीन-तीन बंदी रक्षक सुरक्षा में तैनात रहेंगे, ताकि कोई दूसरा बंदी मुख्तार की बैरक के आसपास भी फटक न सके। हालांकि, जेल प्रशासन ने गोपनीयता का हवाला देते हुए सुरक्षा व्यवस्था के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। (संवाद)
सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने किया मंथन
बांदा। चित्रकूट में गैंगवार के बाद यहां भी जेल की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार की देर रात तक प्रशासनिक, पुलिस व जेल अधिकारियों के बीच मंथन हुआ। बाहरी सुरक्षा और मजबूत करने पर चर्चा हुई। एसपी डा. एसएस मीणा ने भरोसा दिलाया कि जेल के इर्दगिर्द पुलिस निरंतर गश्त करेगी। डीएम आनंद कुमार सिंह ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदी रक्षकों को और सतर्क किया जाए। सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर बैठक लगभग एक घंटे तक चली। उधर, मौजूदा समय जेल में मुख्तार अंसारी सहित मुंबई के डी-2 गैंग का सुक्खा पाचा, मेरठ का सोमवीर, नैनी का अकरम, महोबा का इरफान, झांसी का शिशुपाल, हमीरपुर का शेखर आदि हैं। बाहरी सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। (संवाद)
मुख्तार की खैरियत के लिए घनघना रहे फोन
बांदा। चित्रकूट जेल में गैंगवार की घटना के बाद से मुख्तार की खैरियत जानने के लिए बांदा जेल अधिकारियों के मोबाइल की हर घंटे फोन घनघना रहे हैं। मुख्तार की कोरोना जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग को दिया जाने वाला नंबर जेल अधीक्षक के लिए मुसीबत बना हुआ है। कारागार अधीक्षक प्रमोद तिवारी का कहना है कि चित्रकूट जेल शुरू होने के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। मुख्तार अंसारी के जानने वाले ज्यादातर लोग गैंगवार की घटना को बांदा जेल की घटना समझ कर फोन कर रहे हैं। 24 घंटे में दर्जनभर से अधिक फोन आ चुके। इनमें पंजाब, जौनपुर, आंध्र प्रदेश, लखनऊ आदि की कॉल शामिल हैं। अधीक्षक का कहना है कि फोन करने मुख्तार का नंबर और चित्रकूट की घटना को बांदा जेल की घटना समझ रहे हैं। अब उन्होंने ऐसे फोन कॉल को उठाना बंद कर दिया। जेल के अंदर बंदियों के लिए संचालित पीसीओ को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है। (संवाद)