बांदा। बुंदेलखंड में अधिकतम तापमान के दो दशक पुराने रिकार्ड टूटने के बाद अब शुक्रवार को न्यूनतम तापमान ने ढाई दशकों का रिकार्ड तोड़ दिया। लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी यहां के बाशिंदे अधिकतम 47 डिग्री पारे की तपिश से झुलसते रहे। रात में न्यूनतम पारा भी 22 डिग्री से नीचे नहीं आया।
विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले 26 वर्षों में यह सर्वाधिक न्यूनतम तापमान है। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक कोई राहत की उम्मीद नहीं है। सूरज से निकल रही 47 डिग्री सेल्सियस की आंच के बीच सात किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चल रही उत्तर-पश्चिम गर्म हवाओं ने और कहर ढाया।
दोपहर का मौसम तो जानलेवा रहा। सड़कों पर मानो आग बरसती रही। उधर, हमीरपुर और महोबा का अधिकतम तापमान 46.5 और न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चित्रकूट का तापमान क्रमश: 46 और 31 डिग्री रहा। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार (3 जून) तक राहत के ज्यादा आसार नहीं है। हल्के बादल आते जाते रहेंगे, लेकिन राहत नहीं देंगे।
मौसम विभाग के स्थानीय पर्यवेक्षक का कहना है कि 26 वर्षों में पहली बार न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पहुंचा है। इसके पूर्व 1993 में मई माह में इतना न्यूनतम तापमान हुआ था। उधर, ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक शुक्रवार को नौतपा का छठवां दिन था। नौतपा में ज्यादा गर्मी हो तो अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।