बांदा। बुंदेलखंड में मनरेगा से बनाए जा रहे गोवंश आश्रय स्थलों की धीमी प्रगति पर प्रदेश के प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने कड़ी नाराजगी जताई है। अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर अधूरे आश्रय स्थलों को मानक के अनुरूप पूरा कराने के आदेश दिए हैं।
बुंदेलखंड के झांसी व चित्रकूटधाम मंडलों में मनरेगा के तहत सामुदायिक व व्यक्तिगत भूमि पर निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थलों की प्रगति की प्रमुख सचिव ने समीक्षा की है। झांसी मंडल में 1.30 करोड़ की लागत से 100 सामुदायिक भूमि पर गोवंश आश्रय और एक करोड़ की लागत से 250 व्यक्तिगत भूमि पर आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं।
इसी प्रकार चित्रकूटधाम मंडल में 60 लाख की लागत से 64 सामुदायिक भूमि पर गोवंश आश्रय व तीन करोड़ की लागत से 500 व्यक्तिगत भूमि पर आश्रय स्थल निर्माणाधीन हैं। दोनों मंडलों में पांच करोड़ खर्च होने के बाद भी आधे गोवंश आश्रय स्थल बनकर तैयार नहीं हुए।
प्रमुख सचिव ने असंतोष जताते हुए उपायुक्त मनरेगा को कड़ी फटकार लगाई। निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के अंदर गोवंश पशु आश्रय स्थलों का निर्माण पूरा कराया जाए। उधर, निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थलों में मात्र 880 पशु होने पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताते हुए संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
15 तक पूरी करें तालाबों की खोदाई
बांदा। भू-जल बचाओ अभियान के तहत तालाबों की खोदाई और जीर्णोद्धार का काम 15 जून तक पूरा कर लेने के निर्देश प्रमुख सचिव ने दिए हैं। सीडीओ से कहा है कि बैठक कर वह प्रगति की समीक्षा करें। लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करें। प्रमुख सचिव ने यह निर्देश वीडियो कांफ्रेसिंग में दिए। इसमें डीएम, सीडीओ, उपायुक्त मनरेगा भी मौजूद रहे। ब्यूरो