फकेन नदी की जल धारा से की जा रही छेड़छाड़ से शहर में उत्पन्न पेयजल संकट के विरोध में बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा और उनके सहयोगियों द्वारा किए जा रहे आमरण अनशन में सोमवार को छठवें दिन आंदोलनकारियों ने कलेक्ट्रेट में घेराव और प्रदर्शन किया। नदी की जल धारा में सत्याग्रह किया।
अशोक लाट में चल रहे अनशन में सुबह सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र भी पहुंचे। उन्होंने आंदोलन का समर्थन किया।
लिखित विज्ञिप्त में कहा कि नगर की पेयजल समस्या, ओवरलोडिंग और अवैध खनन गंभीर मुद्दे हैं। अवैध खनन करने वालों को बुंदेलखंड से खदेड़ने का आह्वान किया। सांसद के आश्वासन पर किसान नेता ने आमरण अनशन खत्म कर दिया। कहा कि आंदोलन जारी रहेगा।
सांसद ने अशोक लाट परिसर में ही बैठे करतल के दीपक पटेल मामले में भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
अनशन स्थल पर सुबह से भारी तादाद में पुलिस बल तैनात था। किसान यूनियन के महिला-पुरुष नारे लगाते रहे।
हालांकि शहर में पेयजल संकट में चल रहे इस आंदोलन में शहर के लोगों की भागीदारी नजर नहीं आई।
दोपहर को कलेक्ट्रेट में कुछ देर धरना प्रदर्शन के बाद किसानों का जत्था केन नदी पहुंचा और नदी की जल धारा में खड़े होकर जल सत्याग्रह प्रदर्शन किया।
किसान यूनियन के श्रवण कुमार, लक्ष्मीकांत, बालाजी, अनिल मिश्रा, चतुर्भुज पटेल, अखिलेश रावत, गजबदन शुक्ला, किरन पाठक, गिरजा देवी आदि शामिल रहे।
मुख्य मांगों में बांदा शहर के 10 किलोमीटर दायरे में बालू का खनन रोककर पट्टे निरस्त कराने, बुंदेलखंड की सभी नदियों में बालू खनन रोकने की मांगें शामिल हैं।
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