बांदा। बालू खनन से हुए गड्ढे में भरे पानी पांच वर्षीय बालिका जा गिरी। ग्रामीणों ने पानी से निकालकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, खफा ग्रामीणों ने खदान में हंगामा कर खदान कर्मियों को खदेड़ दिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया। कोतवाली प्रभारी ने ग्रामीणों पर घटना को अनावश्यक तूल देने का आरोप लगाया है।
घटना रविवार की है। कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्योड़ी बाबा गांव निवासी लल्लू की पुत्री ग्वालिन गांव के नजदीक स्थित केन नदी में नहाते समय बालू निकालने से हुए गड्ढे में जा गिरी। आसपास के लोगों ने उसे पानी से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।
इस घटना से खफा ग्रामीणों ने खदान पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। नदी में मशीनों का इस्तेमाल रोकने की मांग की। खदान कर्मियों ने ग्रामीणों का विरोध किया तो ग्रामीण और भड़क गए। लामबंद होकर खदान कर्मियों को खदेड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत किया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मशीनों का इस्तेमाल बंद नहीं हुआ तो खदान में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा का कहना है कि बालिका डूब नहीं पाई, उसे तुरंत सही-सलामत निकाल लिया गया। कोतवाली प्रभारी ने कहा कि ग्रामीण जानबूझकर इस घटना को तूल दे रहे थे। उन्हें समझा दिया गया है। अब सब कुछ ठीक है।