अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के निर्देश पर अधिकारियों ने मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। जिला अस्पताल के सामने दो मेडिकल स्टोरों में एक्सपायरी और नकली दवाएं मिलीं।
फार्मासिस्ट, क्रय बीजक और कैश मेमो भी नहीं मिले। औषधि प्रशासन ने दवा के नमूने भरने के बाद दोनों दुकानों में दवा बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। दोनों दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा सोमवार को छापे के दौरान शहर के दो मेडिकल स्टोरों में मानक ठीक नहीं मिले थे। बुधवार को दोनों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
बुधवार को औषधि निरीक्षक श्रीकांत गुप्ता और हमीरपुर की रेखा सचान ने जिला अस्पताल के पास मेडिकल स्टोर पर छापा डाला। यहां दुकान का क्षेत्रफल मानक अनुरूप नहीं मिला। फार्मासिस्ट भी नहीं था।
सीरप, कैपसूल और टेबलेट आदि बड़ी मात्रा में एक्सपायर और नकली मिले। कैश मेमो भी नहीं मिला। औषधि निरीक्षकों ने छह संदिग्ध दवाओं के नमूने भरे। इस मेडिकल स्टोर के बगल में फ्रिज गंदा और दवाओं में फंगस मिला। औषधि निरीक्षक श्रीकांत गुप्ता ने बताया कि नमूने जांच को भेजे जा रहे हैं। कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सोमवार को छापे के दौरान टीम को संत मेडिकल स्टोर और गोमती मेडिकल स्टोर में मानक ठीक नहीं मिले थे। बुधवार को दोनों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। उधर, अतर्रा में दवाओं की बिक्री में मानकों की अनदेखी पर बजरंग मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया गया है।
मानक कम मिलने पर दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित
अतर्रा में एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया