अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। खंड विकास अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम पंचायतों में मनरेगा में लक्ष्य के मुताबिक श्रमिकों को काम न दिए जाने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई है। जसपुरा व महुआ खंड विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा है।
उपायुक्त श्रम रोजगार विकास मिश्रा ने कहा है कि सभी खंड विकास अधिकारियों को मनरेगा में 100 फीसदी लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। 30 मई को भी चेतावनी दी गई थी। फिर भी महुआ के बीडीओ कमल किशोर और जसपुरा के बीडीओ रजनीश शुक्ला ने आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया।
एमआईएस प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक जसपुरा में 28,024 मानव दिवस का लक्ष्य था। लेकिन अभी 33 फीसदी (9337 दिवस) प्रगति हुई है। जबकि महुआ विकास खंड में 62,685 मानव दिवसों के लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 44 फीसदी (27,565 दिवस) श्रमिकों को काम मिला।
उपायुक्त ने दोनों बीडीओ को कारण बताओ नोटिस दी है। साथ ही इस बारे में अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। दो दिन पहले बड़ोखर बीडीओ ब्रज किशोर कुशवाहा को भी लापरवाही पर उपायुक्त ने कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था।
उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारियों की लापरवाही से प्रगति के मामले में जिले की साख खराब हो रही है। सप्ताह भर में लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-मानव दिवसों में सिर्फ 44 व 33 फीसदी को मिला काम
-उपायुक्त मनरेगा ने तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण