बांदा। मनरेगा कार्यों की प्रगति खराब होने पर पूर्व में जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर प्रदेश सरकार ने परियोजना निदेशक/उपायुक्त श्रम रोजगार से स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी है कि स्पष्टीकरण न मिलने पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास अनुभाग में अनुसचिव डॉ. अंबरीश कुमार सिंह ने मंगलवार (14 मई) को परियोजना निदेशक/उपायुक्त श्रम रोजगार (बांदा) आरपी मिश्रा को जारी आदेश में कहा है कि मनरेगा केंद्र और राज्य की महत्वपूर्ण योजना है। इसमें 100 फीसदी मानव दिवस सृजन और उनका भुगतान आवश्यक है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में बांदा जिले में मानकों की प्रगति खराब पाई गई थी। इस पर पांच फरवरी 2019 को उन्हें (परियोजना निदेशक) कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन यह स्पष्टीकरण शासन को आज तक नहीं मिला। अनुसचिव ने परियोजना निदेशक को अंतिम मौका देते हुए तत्काल स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कहा है कि वरना उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
13 बिंदुओं पर फरवरी में मांगा था स्पष्टीकरण
बांदा। परियोजना निदेशक/उपायुक्त श्रम रोजगार आरपी मिश्रा को पांच फरवरी 2019 को शासन द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में 13 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। इसमें मानव दिवस सृजन मात्र 60 फीसदी, कार्यों का चयन मात्र 88 प्रतिशत, मजदूरी भुगतान 32 करोड़ 74 लाख 21 हजार में मात्र 49.29 लाख (डेढ़ प्रतिशत), एमआईएस पर मस्टर रोल फीडिंग कम होने, 80 मानव दिवस के विपरीत मात्र 41 मानव दिवस, अधूरी जीओ टैगिंग आदि आरोप शामिल थे। ब्यूरो