बांदा। ऑल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में बीते आठ सालों में 5000 से ज्यादा महिला-पुरुषों को स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। संस्थान का दावा है कि इनमें से 50 फीसदी महिला-पुरुष स्वावलंबी बन गए हैं।
आरसेटी का संचालन इलाहाबाद बैंक करता है। जिले में इसकी शुरूआत 2011 में हुई थी। इलेक्ट्रानिक, मोटर वाइंडिंग, रिपेयरिंग, सिलाई, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, अगरबत्ती, कंप्यूटर एकाउंटेंट आदि 20 विधाओं में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 2018-19 में 600 प्रशिक्षार्थियोें ने 20 प्रकार के स्वरोजगार का प्रशिक्षण लिया।
गिरवां गांव निवासी रमेश ने बताया कि उसने दो साल कंप्यूटर का काम सीखा था। अब वह खुद इसका व्यवसाय कर रहा है। महुआ गांव की रीता पिछले साल ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने के बाद खुदका सेंटर चला रही हैं। संस्थान निदेशक हरि प्रसाद ने बताया कि प्रशिक्षण से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल रहा है। रोजगार के लिए बैंक से कर्ज लेने पर प्राथमिकता दी जाती है।
ऑल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का इलाहाबाद बैंक के महाप्रबंधक वीएम पड़ेगोनकर ने निरीक्षण किया। युवाओं को दिए जा रहे विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षण की जानकारी ली। आरसेटी निदेशक हरिप्रसाद ने उन्हें बताया कि संस्थान किराये के भवन पर चल रहा है। इसपर उन्होंने संस्थान के भवन निर्माण के निर्देश दिए हैं।
सहायक महाप्रबंधक राजेश कुमार ने आरसेटी के प्रशिक्षण की सराहना करते हुए प्रशिक्षुओं को भवन में ही रहने व खाने की बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में युवतियों को वित्तीय निवेश, स्मार्ट बचत समझदारी से व्यय, बीमा, अटल पेंशन आदि की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के राकेश सोनकर, अखिलेश कुमार, अमितेंद्र यादव, शीलू शर्मा, प्रशिक्षु आरती यादव, सविता, उर्मिला रेखा अंजू, गायत्री आदि मौजूद रहीं।