आवारा जानवरों के लिए सुरक्षित पनाहगाह के सरकारी दावे खोखले पड़ते जा रहे हैं। यूपी में बांदा जिले के बड़ोखर ब्लॉक के गुरेह गांव में दो दिन में चारा-भूसा और पानी की कमी के चलते सात गायों की मौत हो गई।
क्षेत्र में रविवार सुबह सात गायों की मौत की खबर ने खलबली मचा दी। लोग उस खलिहान की ओर दौड़ पड़े, जहां करीब सौ गायों संग गोवंशों ने भी डेरा डाल रखा है। यहां गायों के लिए चारा-पानी और ठंड से बचाव के लिए छांव आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। खलिहान में बंद भूख-प्यास से बेसहारा गायें और गोवंश ठंड नहीं बर्दाश्त कर पा रहे।
तीन गायों और तीन बछड़ों की मौत शनिवार की रात हो गई, जबकि एक गाय की मौत कुछ दिन पहले हो चुकी है। ग्रामीणों ने राजस्व कर्मियों को घटना की सूचना दी, लेकिन रविवार की छुट्टी के कारण कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। एसडीएम सदर थमीम अंसरिया ने ने इस बाबत जानकारी होने से इंकार किया। गौरतलब हो कि जिले में राजस्व विभाग की आठ और स्थानीय निकायों की तीन गोशालाएं हैं। गांवों में लगभग एक दर्जन निजी गोशालाएं भी हैं, पर किसी में भी चारा-भूसा, पानी की नियमित व्यवस्था नहीं है।