बांदा। सचिवों और तकनीकी सहायकों द्वारा बिना काम कराए ही साढ़े छह लाख रुपये खर्च करने पर उन्हें सीडीओ ने ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर 21 दिन में साक्ष्य और अभिलेख तलब किए हैं। इसका खुलासा शिकायत के बाद उपायुक्त मनरेगा द्वारा की गई जांच में हुआ।
बबेरू तहसील के सरजू डेरा (ग्राम पंचायत मरका) निवासी विद्या भूषण निषाद ने सचिवों व तकनीकी सहायकों द्वारा तालाब खुदाई और खड़ंजा निर्माण में हेराफेरी की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर उपायुक्त द्वारा की गई जांच में करीब 6.34 लाख रुपये की हेराफेरी पाई गई।
पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत मरका के काशी तालाब की खुदाई में 1.21 लाख, शिवबली पासी के खेत में तालाब खुदाई में 58,795 रुपये, भटवन तालाब खुदाई में 56,584 रुपये, दासी तालाब खुदाई में 1,62,316, अहिरन पुरवा में सिखऊ तालाब में 54,936, बड़ी खैरी में तालाब खुदाई में 1,69,293, रामदास के खेत से ननकू बाबा के खेत तक खड़ंजा निर्माण में 3471 रुपये और रमेश निषाद के घर से रामलाल केवट के घर तक खड़ंजा कार्य में 4747 रुपये का दुरुपयोग पाया गया।
जांच रिपोर्ट के बाद सीडीओ रामकुमार सिंह ने बबेरू के तकनीकी सहायक शारदा प्रसाद द्विवेदी व तत्कालीन तकनीकी सहायक विजय पाल और ग्राम विकास अधिकारी भवानी सिंह तथा ग्राम पंचायत अधिकारी अर्जुन सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि उन्होंने 6,31,331 रुपये का दुरुपयोग किया है। स्पष्टीकरण और साक्ष्यों तथा अभिलेख 21 दिन के अंदर बीडीओ के माध्यम से उन्हें पेश करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-शिकायत पर हुई जांच में पकड़ी गई गड़बड़ी
-सचिव और तकनीकी सहायकों को कारण बताओ नोटिस
-सीडीओ ने साक्ष्यों सहित मांगा स्पष्टीकरण
अमर उजाला ब्यूरो