बांदा। नरैनी के दलहन क्रय केंद्र (पीसीयू) में पिछले दिनों हुए चना घोटाले की जांच पूरी हो गई। एसडीएम ने क्रय केंद्र में चना बिक्री करने वाले 243 किसानों में मात्र 62 किसानों की बिक्री को सही पाते हुए भुगतान के आदेश दिए हैं। 138 किसानों का चना मानक से अधिक खरीदा गया।
शासन ने किसानों को दलहन का सही मूल्य दिलाने के लिए पीसीएफ और यूपीपीसीयू को खरीद की जिम्मेदारी दी थी। यूपीपीसीयू ने नरैनी व जिला मुख्यालय स्थित विशिष्ट मंडी परिसर में केंद्र खोला था। नरैनी में एजेंसी ने खुद केंद्र खोलने की बजाय अत्रि एग्रीकल्चर एंड एलाइड कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड झांसी को नामित कर दिया था।
संस्था ने नियम विरुद्ध तरीके से आढ़ती की दुकान पर बैनर लगाकर खरीद शुरू की। फर्जी किसानों के नाम सैकड़ों क्विंटल चना खरीदा गया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम नरैनी ने जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर 22 मई को नरैनी कोतवाली में सोसायटी के प्रबंधक व संचालक सहित केंद्र प्रभारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया।
एसडीएम ने 27 जुलाई को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। रिपोर्ट में बताया गया कि 243 किसानों में मात्र 62 किसानों का सत्यापन सही पाया गया। 138 किसानों का मानक से अधिक चना विक्रय पाया गया। 41 किसानों के अभिलेख सही नहीं पाए गए।
दो किसानों के अभिलेख न मिलने से सत्यापन नहीं हो सका। एडीएम संतोष बहादुर ने सिंह सत्यापन रिपोर्ट के आधार सत्यापन में सही पाए गए 62 किसानों के चना भुगतान सहित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है।