बांदा। विकास खंड बडोखर की ग्राम पंचायत दुरेडी में मनरेगा के तहत कैटल शेड निर्माण के नाम पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस अनियमितता के उजागर होने के बाद उपायुक्त श्रमारोजगार ने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में ग्राम पंचायत दुरेडी में रघुवीर नामक व्यक्ति के यहां कैटल शेड के निर्माण के लिए मनरेगा योजना के तहत 1,49,783 रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। हालांकि, कागजों में कैटल शेड का निर्माण पूरा दिखा दिया गया और 1,32,593 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
जब सोशल आडिट टीम ने धरातल पर विकास कार्यों का निरीक्षण किया तो मौके पर किसी भी कैटल शेड का निर्माण नहीं पाया गया। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि कथित लाभार्थी चुनकी का जॉब कार्ड भी नहीं मिला और न ही उसके द्वारा कोई कार्य किया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ पहुंचाया गया।
इस गंभीर अनियमितता की शिकायत के बाद उपायुक्त श्रमारोजगार राजेश कुमार ने ग्राम पंचायत सचिव पुष्पा पटेल, तकनीकी सहायक अरुण कुमार और ग्राम रोजगार सेवक देशराज से इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कैटल शेड निर्माण से संबंधित सभी पत्रावलियां भी तलब की हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।