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किसानों के गेहूं का सात लाख दाबे हैं नैफेड

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बांदा। सरकारी खरीद केंद्रों में 12 किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का लगभग 7 लाख रुपये खरीद एजेंसी दाब गई। एक तरफ किसान भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ संबंधित एजेंसी ने लिखित रूप से दावा किया है कि पूरा भुगतान करा दिया गया है। किसानों की शिकायत पर जिला विपणन अधिकारी ने प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त को यह मामला भेज दिया है।
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वर्ष 2018-19 में गेहूं खरीद एजेंसी नैफेड ने जिले में दो सौ से अधिक किसानों का 1126 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इसका भुगतान एक करोड़ 96 लाख 60 हजार रुपये होता है। 12 किसानों ने 450 क्विंटल गेहूं यहां बेचा था। उन्हें करीब सात लाख रुपये भुगतान चाहिए था।

किसानों का कहना है कि उन्हें यह कीमत नहीं मिली। स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने से इन किसानों ने अपनी शिकायत पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई। इस पर प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त ने जांच के आदेश दिए। जांच अधिकारी डिप्टी आरएमओ गोविंद उपाध्याय ने नैफेड अधिकारियों से भुगतान संबंधी लिखित स्पष्टीकरण मांगा तो नैफेड अधिकारियों ने लिखित तौर पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सभी किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।
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अब यह मामला प्रदेश स्तर पर पहुंच गया है। नैफेड के इस दावे के बाद डिप्टी आरएमओ ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश के अपर आयुक्त (खाद्य एवं रसद) को भेज दी है। साथ ही यह भी कहा है कि नैफेड अधिकारी किसानों के भुगतान की जांच मामले में सहयोग नहीं कर रहे हैं। न ही उनका फोन रिसीव करते हैं। उधर, इस बाबत नैफेड के स्थानीय शाखा प्रबंधक रंजय कुमार का फोन न रिसीव होने से उनका पक्ष नहीं मिल सका।

इन किसानों का बकाया है भुगतान
भागवत व कामता (जमालपुर), जवाहर (खैरई), बाला प्रसाद, चंद्रभान सिंह व रामलखन (कनवारा), रामकिशोर व जयकिशोर (लामा), बद्दन (महोखर), कौशल किशोर, अभिलाष व महावीर (बिलगांव)।


भुगतान के लिए कुछ ही किसान शेष
अपर आयुक्त के आदेश पर नैफेड अधिकारी यहां आए थे और मामले की गहन जांच की गई तो पता चला कि कई किसानों के खाता नंबर गलत थे, जिनके खाता नंबर मिल गए हैं। उन्हें भुगतान किया जा रहा है।-गोविंद उपाध्याय, डिप्टी आरएमओ, बांदा।

शत-प्रतिशत किसानों के गेहूं भुगतान का पैसा बैकों को भेज दिया है। किसान बैकों में पता करें, कि पैसा क्यों नहीं उनके खाते में गया।-विजय शर्मा, शाखा प्रबंधक, नैफेड (बांदा)।
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