अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। नए शिक्षा सत्र से माध्यमिक शिक्षा विभाग में गरीब बालिकाओं को छात्रावास की सुविधाएं मिलेंगी। बबेरू, कोर्रही, करतल और कमासिन में छात्रावासों का संचालन नए शिक्षा सत्र से शुरू हो जाएगा। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बबेरू, कोर्रही, करतल व कमासिन में बालिका छात्रावासों का काम पूरा हो गया है। शिक्षा सत्र 2018-19 में इनका संचालन शुरू हो जाएगा। कक्षा नौ से 12 तक पढ़ने वाली गरीब छात्राएं इनमें प्रवेश ले सकेंगी।
प्रवेश के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य अध्यक्ष, खंड शिक्षा अधिकारी व संबंधित विकास खंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डेन सदस्य होंगी।
डीआईओएस हिफुजर्रमान ने छात्राओं के दाखिले के लिए 19 जनवरी को संबंधित विद्यालयों की प्रधानाचार्यों, बीएसए और वार्डेन, खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर शासनादेशों के बारे में बताया था। उन्होंने बीएसए, बालिका शिक्षा समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारियों से ग्राम पंचायतों में, विकास खंडों व परिषदीय स्कूलों में वाल राइटिंग कराकर प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को सुविधा व देखभाल के लिए वार्डेन उपलब्ध रहेगी। 24 घंटे चौकीदार की व्यवस्था रहेगी। हर माह स्वास्थ्य जांच की जाएगी। छात्राओं के खेलकूद के लिए भी सामग्री होगी। दोनों समय पौष्टिक भोजन व नाश्ता मिलेगा।
पात्रता की शर्तें
परिषदीय स्कूलों और सरकारी विद्यालयों से कक्षा 8 उत्तीर्ण किया हो। 50 फीसदी छात्राएं आरक्षित वर्ग से होंगी। विशिष्ट आवश्यकता वाली छात्राओं को दाखिले में वरीयता दी जाएगी। छात्रावास में दाखिले के लिए प्रधानाचार्य, वार्डेन व खंड शिक्षा अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।