अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। मूक (गूंगी) बालिका के साथ दुराचार के अभियुक्त को अदालत ने पास्को एक्ट व दुराचार में उम्रकैद की दोहरी सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया।
अतर्रा नगर में 13 जनवरी 2014 को 10 साल की मूक बालिका घर के बाहर खेलने गई थी। तभी पड़ोसी शिवबरन रैदास उसे ले गया और दुराचार किया। खून से लथपथ अवस्था में घर लौटी बालिका ने मां को इशारों से अपने साथ हुए दुराचार की बात बताई और मां के साथ जाकर आरोपी की शिनाख्त करा दी। आरोपी को पकड़ लिया गया। पिता ने नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। धारा 376 और पास्को एक्ट की रिपोर्ट दर्ज हुई। तफ्तीश के बाद आरोप पत्र दाखिल किया।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश (प्रथम) कैप्टन डीपीएन सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवभूषण वर्मा ने सात गवाह पेश किए। गुरुवार को न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए धारा 376 और पास्को एक्ट दोनों में ही उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक वर्ष की और कैद होगी। घटना के बाद से अभियुक्त जेल में है।
-दुराचार और पास्को एक्ट में अदालत का फैसला
-दस साल की बालिका के साथ पड़ोसी ने किया था बलात्कार
-46 माह से जेल में है अभियुक्त