बांदा। स्वास्थ्य रिकार्ड अब डिजिटल होगा। महामारी जैसे प्रकोप का तत्काल पता चलेगा और इसकी रोकथाम भी समय से हो सकेगी। इसके लिए गांवों में तैनात एएनएम को डाटा फीडिंग के लिए टैबलेट दिए जाएंगे। इन्हें आईडीएसपी कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा हाल ही में बनाए गए इंटीग्रेटेड हेल्थ इनफार्मेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) पोर्टल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 247 एएनएम का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।
जिला सर्विलांस अधिकारी एसपी द्विवेदी ने बताया बांदा व अतर्रा नगर सहित जिले के सभी आठ ब्लाकों की एएनएम को यह प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया एएनएम अब तक जो डाटा एस-फार्म के माध्यम से इकट्ठा करती थीं वह अब टैबलेट के जरिए आनलाइन दे सकेंगी। जल्द ही उन्हें टैबलेट मिलने के बाद प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
सर्विलांस अधिकारी ने बताया आनलाइन डाटा फीडिंग से महामारी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सकेगी। हर मरीज के लक्षण और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी। केंद्र और राज्य स्तर पर विभाग एक ही प्लेटफार्म पर यह जानकारी हासिल कर सकेंगे। बताया टैबलेट में जीपीएस भी लगा होगा। जिससे रियल टाइम डाटा फीडिंग सुनिश्चित होगी और आंकड़ों में गड़बड़ी की संभावना नहीं रह जाएगी।
उन्होंने बताया आईडीएसपी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक स्वास्थ्य निगरानी योजना है। यह प्रत्येक राज्य में निगरानी इकाई स्थापित करने का प्रयास करती हैं। पहले चरण में पिछले वर्ष सात राज्यों के चुनिंदा जिलों में सॉफ्ट वीडियो के माध्यम से इसे लांच किया गया था।
प्रभावी देखभाल होगी
बांदा। आईएचआईपी पोर्टल एक इलेक्ट्रानिक स्वास्थ्य सूचना प्रणाली है। जो महामारी फैलाने वाली बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण में मददगार साबित होगी। तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम और गैर संचारी रोग कार्यक्रम की जानकारी भी इसमें शामिल की जाएगी। आईएचआईपी का प्राथमिक उद्देश्य अखिल भारतीय आधार पर नागरिकों के मानकों के अनुरूप इलेक्ट्रानिक स्वास्थ्य रिकार्ड (ईएचआर) के निर्माण को सक्षम बनाना है। इससे अनावश्यक कागजी कार्रवाई खत्म होगी और अधिक प्रभावी देखभाल व उपचार को प्रोत्साहन मिलेगा।
एएनएम को डाटा फीडिंग के लिए दिए जाएंगे टैबलेट
केंद्र सरकार की योजना के तहत पोर्टल प्रशिक्षण शुरू
अमर उजाला ब्यूरो