बांदा। धान खरीद का भुगतान 24 घंटे में करने का शासनादेश खरीद एजेंसियों में बेअसर साबित हो रहा है। चित्रकूटधाम मंडल के किसानों का धान खरीदने वाली एजेंसियों ने करीब 4 करोड़ रुपया दबा रखा है। किसान चक्कर लगा रहे हैं और भुगतान नहीं मिल रहा है। सबसे ज्यादा 3 करोड़ 36 लाख का बकाया बांदा की एजेंसियों पर है। चित्रकूट में 1.27 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीद 15 अक्तूबर से शुरू की गई थी। बांदा में सहकारी समितियों समेत छह खरीद एजेंसियों ने अब तक 56 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इसकी कीमत 99 करोड़ 36 लाख रुपये होती है। इसमें 96 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है। 3 करोड़ 36 लाख रुपये बकाया है। इसी तरह चित्रकूट में 47 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। इसका मूल्य 8 करोड़ 36 लाख रुपये होता है। अब तक 7 करोड़ 9 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। एक करोड़ 27 लाख बाकी हैं।
मंडल के दोनों जिलों में एक लाख 3 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। इसका मूल्य एक अरब 7 करोड़ 72 लाख रुपये होता है, लेकिन एक अरब 3 करोड़ 45 लाख रुपये ही अदा किया गया है। 4 करोड़ 27 लाख बाकी हैं। शासन के सख्त निर्देश हैं कि खरीद केंद्रों में किसानों को उनकी उपज का मूल्य 24 घंटे में अदा कर दिया जाए। लेकिन धान खरीद एजेंसियों में यह शासनादेश कारगर नहीं है। यहां किसानों को अपनी उपज का मूल्य हासिल करने के लिए महीनों से चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।